Chhattisgarhi
  • संगी मन ला जय जोहार! हमर ये साईट म चिटिकन परलोखिया मन के नजर लाग गे रहिसे, अब हम फेर फूंक—झार के नवा—नवा रचना आपके खातिर इंहा लाये के उदीम करत हावन, आपके असीस बने रहय. जय छत्तीसगढ! जय भारत!!
समाचार

छत्तीसगढ के फुलबासन अउ शमशाद बेगम ला पद्म श्री

बड गरब के बात हावय के भारत सरकार ह गुंडरदेही के शमशाद बेगम अउ राजनांदगांव जिला के ग्राम पंचायत सुकुलदेहान के फुलबासन बाई यादव ल येसो के पद्मश्री सम्मान देहे के हांका देहे हावय. हमर प्रदेश ल मिले ये सम्मान महिला मन के सम्मान आय. इन दूनो मन गांव म महिला सशक्तिकरण बर काम करत हावंय. महिला स्व सहायता समूह के गठन ले दीदी बैंक के स्थापना, शिक्षा अउ रोजगार म महिला मन ला आत्मनिर्भर बनाये के काम इन दूनो सरलग करत हावंय. राजनांदगांव जिला के ग्राम पंचायत सुकुलदेहान के फुलबासन बाई यादव के नाव अब देस भर म बगर गे हावय. गरीब परिवार म जनमे फुलबासन के लइकइ होटल म कप-पिलेट धोवत बीते हावय. पढ़ाई के संउख रहे के सेती उमन ह साक्षर बनिन. दस साल के उम्मर म उखर बिहाव चंदूलाल यादव संग होइस फेर गरीबी उंखर संग ला नइ छोडिस. गरीबी अउ काम बुता नइ मिले के दुख … आघू पढ़व

कहिनी

नान्हे कहिनी : सात फेरा

नोनी रूखमनी ह अपन परिचय देवत कहिथे आदमी अपन मन ले सुखी अऊ दु:खी होथे। मैं हां तुंहर पांव बनहू। ये चुंदी ल झन कटवाहूं। इही हा साधु सन्यासी के निसानी होथे। तुंहर परिचय इही हे। जिनगी के बड़ गजब … आघू पढ़व

गोठ बात

छत्तीसगढ़ी फिलिम अउ संस्कृति

‘हमला अपन आप ला बदले के जरूरत नइए भलूक अपन आप ला चिन्हे के जरूरत हे। छत्तीसगढ़ म जउन छत्तीसगढ़िया फिलिम बनत हे ओमा धियान राखन कि कोनो भी दत्त खिसोर मन आके फिलिम बनाके हमर परम्परा के कबाड़ा झन … आघू पढ़व

कहिनी

घर म नाग देव भिंभोरा पूजे ल जाय : नान्‍हे कहिनी

पीरा म गोहार पारत सुशीला अपन बेटा ल कथे, रूपेश मोला पन्दराही होगे कनिहा पीरा म मरत-मरत। फेर आज उदूक ले जादा बाड़ गे तइसे लागत हे। मोर देह के जम्मो हाड़ा ह एके जगा अरहजगे तइसे लागथे बेटा, बने … आघू पढ़व

गोठ बात

छत्तीसगढ़ ‘वर्णमाला अउ नांव’ एक बहस

‘ये पाती कई झन साहित्यकार करा पहुंचे हावय। दिनेश चौहान ह एक विचार सब ला सोचे बर देय हावय। स्वर, व्यंजन के सही उपयोग करना हे, पहिली वर्णमाला तय करव ओखर बाद अक्छर के उपयोग करे जाय। अक्छर अइसना होवय … आघू पढ़व

गोठ बात

संस्कार अउ संस्कृति : गोठ बात

जब काकरो सन गुठियावन त हम का बोलतहन तेकर ऊपर धियान रहय वो हमर कर्म बनथे। अपन करनी ल जांचन वो ह हमर आदत बनथे। अपन आदत ल परखना चाही वो हमर चरित्र के निरमान करथे। आज के समे म … आघू पढ़व

कहिनी

जनम भूमि : कहिनी

किसमत कभू धीरे-धीरे बदलथे, कभू उदुपले। ऊंकरों गांव ले लाने मोटरा म सुख के जोरन जोराय लगिस। ऊंकर गुत्तुर-गुत्तुर छत्तीसढ़िया बोली अउ मीठ-मीठ चहा-पानी म अइसन आनंद आय के एक बेर जे पी डरे ते लहुटती म चार गिराहिक अउ … आघू पढ़व

गोठ बात

मोर छइंहा भुइहां छत्तीसगढ़ी रंगीन फिलिम के बोहनी

मैं सोचथंव के उनला अपन फिलिम म खराब फूहड़ दिरिस्य अउ गीत के निर्माण करके छत्तीसगढ़िया मन के आदत बिगाड़े के प्रयास करना एक सवाल खड़ा करथे। बने फिलिम अउ गीत हमेशा सफल होय हे। ये बात ल सुरता राखना … आघू पढ़व

गोठ बात

धरोहर ले निकले अनमोल रतन छत्तीसगढ़ी वियाकरन

छत्तीसगढ़ राज बनिस, तब बाहिर के मन ‘छत्तीसगढ़ी’ बोली आय के भासा एखर ऊपर प्रस्न खड़ा कर दिन। हल्ला होय ले लगगे के ‘वियाकरन कहां हे?’ कुछ सिक्छाविद् अउ साहित्यकार मन ये बात ल सामने लइन के बियाकरन के रचना … आघू पढ़व

अक्षय तृतीया
गोठ बात

अक्षय तृतीया

(बैसाख अंजोरी पाख तीज) भविष्य पुराण म लिखे हे के आज के दिन त्रेतायुग प्रारंभ होय रहिस हे। आजे के दिन भगवान परसुराम के घला अवतार होय रहिस हे। तेखरे सेती अक्ति के दिन ल अबूझ मुहुरत माने गे हे … आघू पढ़व

Uncategorized

लीम चउरा के पथरा

लीम चउरा के पथरा बिकट चिक्कनखड़भूसरा रहिस होगे कइसे बड़ चिक्कनओ तो जानत हवय सबके अन्तर मन। पंच-पटइल बइठ नियाव करिससुन्ता सुम्मत के नवा रद्दा गढ़िस। उधो-माधो के भाग ह खुलिससरकारी योजना म साहेब दूनों के नाव लिखिस। मंगलू बुधियारिन … आघू पढ़व

Page 1 of 2912345»...Last »