छत्तीसगढ़ी लोक म हनुमान
बेंदरा, बेंदरा झन क बराईन, मैं हनुमंता बीरा
मैं हनुमंता बीरा, ग देव मोर, मैं हनुमंता बीरा
जब सरिस सोन के तोर गढ़ लंका
कलसा ला टोरे फोर हॉ, समुंद म डुबावव,
कलसा ला टोर फोर हां… हनुमान जयंती विशेष

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छत्‍तीसगढ़ के कला साहित्‍य व संस्‍कृति पर केन्द्रित संजीव तिवारी का हिन्‍दी ब्‍लॉग