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छत्तीसगढ़ गीत म सिंगार रस
छत्तीसगढ़ी भाखा ल भले भारत सरकार ह भासा के मान्यता नइ देये फेर येमा जम्मो रस के गीत अउ गोठ समाय हे। तभे तो गीत म Read More » -
गुरतुर गोठ परकासन के बारे म सूचना
संगी मन ला जोहार, जब हम अपन नेट संगी मन मेर सुनता-सलाह करके 2 अक्टूबर 2008 ले गुरतुर गोठ के बाना उंचाए रहेन त हमर सोंच Read More » -
हमन कहां जात हन – सुधा वर्मा
रामकुमार साहू के कविता संग्रह के भूमिका लिखत रहेंव त ओमा एक लेख ”तईहा के ला बइहा लेगे” ल पढ़त-पढ़त सोचेंव के ये लेख के जम्मों Read More » -
संगी मन संग अपन गोठ-बात
संगी मन ला जोहार, जब हम अपन नेट संगी मन मेर सुनता-सलाह करके 2 अक्टूबर 2008 ले गुरतुर गोठ के बाना उंचाए रहेन त हमर सोंच Read More »
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आपके पंदोली
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संजीव तिवारी: आदरणीय कुबेर जी, धन्यवाद. आपकी टिप्पणी नें मुझे »
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Ajay Sahu "Amritanshu ": किशोर भाई आपके बसंत के गीत अडबड सुघ्घर हवय ,भिलाई »
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Ajay Sahu "Amritanshu ": बड दिन बाद बढिया छत्तीसगढी बियंग गद्य म पढे ल मिलि »
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गुरतुर गोठ बर संगी मन के छत्तीसगढी रचना, आडियो, वीडियो के अगोरा हावय, आप अपन रचना के सीडी हमला भेज सकत हावव, सीडी ला आप हमला मेल घलव कर सकत हावव.
बुधराम यादव वरिष्ठ संपादक
संजीव तिवारी संपादक
संपादकीय कार्यालय :
सूर्योदय नगर, खण्डेलवाल कालोनी
दुर्ग, छत्तीसगढ 491001
रचना भेजे के पहिली चिटिकन ये कड़ी ला पढ़ लेवव -
हमर उदीम मेकराजाला म छत्तीसगढी भाखा के रचना मन ला धरनहा राख के एके जघा सकेले के हावय. हमर छत्तीसगढ के रहइया मन ला तो हमर भाखा के साहित्य के भंडार ल झांके बर मिल जाथे, फेर इहां ले बाहिर रहइया हमर भाखा के परेमी मन बर अपन महतारी भाखा ला पढे अउ सुने के ये ह सुघ्घर साधन आय. गुरतुर गोठ के हमर ये उदीम कइसे लागिस हमला बताहू.