Category Archives: गीत
मन मोर गावे दीदी तपत कुरु तपत कुरु
बोरे-बासी के दिन आगे..
दही-मही संग बोरे-बासी के लगिन धरागे रे गोंदली संग सुघ्घर झड़के के दिन आगे रे………. http://mayarumati.blogspot.in/2013/03/blog-post_29.html संगें संग इहू ल देखव —ये भोले तोर बिना…. बसंत गीत : सुशील भोले छत्तीसगढ़ी : कामकाज अउ लेखन के रूप : सुशील भोले
किशोर तिवारी के सस्वर गीत
फागुन गीत- वसंत म बिरह- हिन्दी ओज गीत- संगें संग इहू ल देखव —बसंत म बिरह – छत्तीसगढी कविता आडियो




गुरतुर गोठ बर संगी मन के छत्तीसगढी रचना, आडियो, वीडियो के अगोरा हावय, आप अपन रचना के सीडी हमला भेज सकत हावव, सीडी ला आप हमला मेल घलव कर सकत हावव.
बुधराम यादव वरिष्ठ संपादक
संजीव तिवारी संपादक
संपादकीय कार्यालय :
सूर्योदय नगर, खण्डेलवाल कालोनी
दुर्ग, छत्तीसगढ 491001
रचना भेजे के पहिली चिटिकन ये कड़ी ला पढ़ लेवव -
हमर उदीम मेकराजाला म छत्तीसगढी भाखा के रचना मन ला धरनहा राख के एके जघा सकेले के हावय. हमर छत्तीसगढ के रहइया मन ला तो हमर भाखा के साहित्य के भंडार ल झांके बर मिल जाथे, फेर इहां ले बाहिर रहइया हमर भाखा के परेमी मन बर अपन महतारी भाखा ला पढे अउ सुने के ये ह सुघ्घर साधन आय. गुरतुर गोठ के हमर ये उदीम कइसे लागिस हमला बताहू.