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गीत

सदगुरु

पारस जइसे होत हे , सदगुरु के सब ज्ञान । लोहा सोना बन जथे , देथे जेहा ध्यान ।। देथे शिक्षा एक सँग , सदगुरु बाँटय ज्ञान । कोनों कंचन होत हे , कोनों काँछ समान ।। सत मारग मा रेंग के , बाँटय सबला ज्ञान । गुरू कृपा ले हो जथे , मूरख हा […]

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गीत

छत्तीसगढ़ी बाल गीत

सपना कहाँ-कहाँ ले आथे सपना। झुलना घलो झुलाथे सपना। छीन म ओ ह पहाड़ चढ़ाथे, नदिया मा तँऊराथे सपना। जंगल -झाड़ी म किंजारथे, परी देस ले जा जाथे सपना। नाता-रिस्ता के घर ले जा के, सब संग भेंट करथे सपना। कभू हँसाथे बात-बात मा, कभू – कभू रोवाथे सपना। कभू ये हर नइ होवै सच, […]

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गीत

छत्तीसगढ़ी नवगीत : पछतावत हन

ओ मन आगू-आगू होगे हमन तो पछवावत हन हाँस-हाँस के ओ मन खावय हमन तो पछतावत हन। इही  सोंच मा हमन ह बिरझू अब्बड़ जुगत लखायेन काँटा-खूँटी ल चतवार के हम रद्दा नवा बनायेन। भूख ल हमन मितान बनाके रतिहा ल हम गावत हन। मालिक अउ सरकार उही मन हमन तो भूमिहार बनेन ओ मन […]

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किताब कोठी गीत

बिन बरसे झन जाबे बादर

हमर देस के सान तिरंगा, आगे संगी बरखा रानी, बिन बरसे झन जाबे बादर, जेठ महीना म, गीत खुसी के गाबे पंछी, मोर पतंग, झरना गाए गीत, जम्मो संग करौ मितानी, खोरवा बेंदरा, रहिगे ओकर कहानी, बुढवा हाथी, चलो बनाबो, एक चिरई, बडे़ बिहिनिया, कुकरा बोलिस, उजियारी के गीत, सुरुज नवा, इन्द्रधनुस, नवा सुरुज हर […]

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गीत

घानी मुनी घोर दे : रविशंकर शुक्ल

घानी मुनी घोर दे पानी .. दमोर हे हमर भारत देसल भइया, दही दूध मां बोर दे गली गांव घाटी घाटी महर महर महके माटी चल रे संगी खेत डंहर, नागर बइला जोर दे दुगुना तिगुना उपजय धान बाढ़े खेत अउर खलिहान देस मां फइले भूख मरी ला, संगी तंय झकझोर दे देस मां एको […]

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आल्हा गीत

बंदौ भारत माता तुमला : कांग्रेस आल्हा

खरोरा निवासी पुरुषोत्तम लाल ह छत्तीसगढ़ी म प्रचार साहित्य जादा लिखे हे। सन 1930 म आप मन ह कांग्रेस के प्रचार बर, ‘कांग्रेस आल्हा’ नाम केे पुस्तक लिखेे रहेव। ये मां कांग्रेस के सिद्धांत अऊ गांधी जी के रचनात्मक कार्यक्रम के सरल छत्तीसगढ़ी म वरनन करे गए हे। कांग्रेस आल्हा के उदाहरन प्रस्तृत हे – […]

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गीत

उरमाल म मयारू तोर मुंह ल पोंछव उरमाल म

उरमाल म मयारू (गजामूंग) तोर मुंह ल पोंछव उरमाल म, उरमाल म ग बईहा तोर मुंह ल पोछवं उरमाल म। अमली फरे कोका-कोका जामुन फरे करिया ओ चल दूनो झन संगे जाबो तरिया। उरमाल म … आम गाँव जामगांव तेंदू के बठेना तोर बर लानेंव मय चना-फूटेना । उरमाल म … हाट गेंव बजार गेव […]

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गीत

बखरी के तुमा नार बरोबर मन झूमरे

बखरी के तुमा नार बरोबर मन झूमरेे, डोंगरी के पाके चार ले जा लान दे बे । मया के बोली भरोसा भारी रे कहूँ दगा देबे राजा लगा लेहूँ फाँसी । बखरी के तुमा नार … हम तैं आगू जमाना पाछू रे कोनो पावे नहीं बांध ले मया म काहू रे । डोंगरी के पाके […]

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गीत

कोइली के गुरतुरबोली मैना के मीठी बोली जीवरा ल बान मारे रेे

कोइली के गुरतुरबोली मैना के मीठी बोली जीवरा ल बान मारे रेे … गिरे ल पानी चूहे ल ओइरछा, तोर मया म मयारू मारथे मूरछा । जीवरा ल बान मारे रै … गोंदा के फूल बूंभर कांटा रे तोर सुख-दुख म हे मोरो बांटा रे। जीवरा ल बान मारे रे … पीरा के ओर न […]

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गीत

ददरिया : तिरछी नजरिया भंवा के मारे

ये भंवा के मारे रे मोर रसिया तिरछी नजरिया भंवा के मारे । सिरपुर मंदिर म भरे ल मेला तोला फोर के खबवाहूँ नरियर भेला । ये भवा के मारे … । आये ल सावन छाये ल बादर, तोर सुरता के लगायेंव आंखी म काजर । ये भवा के मारे … । : धान के […]