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अक्षय तृतीया
(बैसाख अंजोरी पाख तीज) भविष्य पुराण म लिखे हे के आज के दिन त्रेतायुग प्रारंभ होय रहिस हे। आजे के दिन भगवान परसुराम के घला अवतार Read More » -
जइसे खाय अन्न वइसे बनही मन
अहार के मनसे के जिनगी म परभाव परथे। ईमानदारी ले कमई करके बिसाय धन ले बनाय खाय के अलगे असर परथे। ये असर हमला दिखय नहीं, Read More » -
सिवजी ल पाय के परब महासिवरात्रि
नवा बुता, उद्धाटन, नवा जीनिस के सुरुआत इही दिन ले करथे। भक्ति भाव के अइसन परब में पूजा म अवइया समागरी बेल पत्र, धतूरा, फुंडहर, कनेर, Read More » -
प्रशासनिक शब्दकोश बनइया मन ल आदर दव, हिनव झन
छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग दुवारा छपवाय हिन्दी-छत्तीसगढ़ी प्रशासनिक शब्दकोश भाग एक के बारे में कुछ लेखक मन के बिचार पढ़े के मउका लगिस। खुसी होइस के छत्तीसगढ़ी Read More »
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आपके पंदोली
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संजीव तिवारी: आदरणीय कुबेर जी, धन्यवाद. आपकी टिप्पणी नें मुझे »
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Ajay Sahu "Amritanshu ": किशोर भाई आपके बसंत के गीत अडबड सुघ्घर हवय ,भिलाई »
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Ajay Sahu "Amritanshu ": बड दिन बाद बढिया छत्तीसगढी बियंग गद्य म पढे ल मिलि »
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गुरतुर गोठ बर संगी मन के छत्तीसगढी रचना, आडियो, वीडियो के अगोरा हावय, आप अपन रचना के सीडी हमला भेज सकत हावव, सीडी ला आप हमला मेल घलव कर सकत हावव.
बुधराम यादव वरिष्ठ संपादक
संजीव तिवारी संपादक
संपादकीय कार्यालय :
सूर्योदय नगर, खण्डेलवाल कालोनी
दुर्ग, छत्तीसगढ 491001
रचना भेजे के पहिली चिटिकन ये कड़ी ला पढ़ लेवव -
हमर उदीम मेकराजाला म छत्तीसगढी भाखा के रचना मन ला धरनहा राख के एके जघा सकेले के हावय. हमर छत्तीसगढ के रहइया मन ला तो हमर भाखा के साहित्य के भंडार ल झांके बर मिल जाथे, फेर इहां ले बाहिर रहइया हमर भाखा के परेमी मन बर अपन महतारी भाखा ला पढे अउ सुने के ये ह सुघ्घर साधन आय. गुरतुर गोठ के हमर ये उदीम कइसे लागिस हमला बताहू.