Category Archives: सुरता
गम्मतिहा : मदन निषाद
नाचा के पहिली महिला कलाकार : फिदाबाई मरकाम
महान आदिवासी जननेता महाराज परवीरचंदर भंजदेव जी
परवीरचंदर भंजदेव के महतारी परफुल्ल कुमारी देवी के जनम 1910 म होए रहिस। परफुल्ल कुमारी बस्तर के महाराज रूद्र प्रतापदेव के अकलौती (अकेला) संतान रहिन, एकर सेती पिता के इंतकाल होए के बाद 11 बछर के उमर म महारानी बन
छत्तीसगढ़ के बेटी कौसिल्या
हमर छत्तीसगढ़ के इतिहास कतका प्राचीन हे तेला माता कौसिल्या के कथा ले जाने जा सकथे। भगवान राम ह त्रेतायुग म माता कौसल्या के गर्भ ले अवतरे रिहिस। माता कौसिल्या के नाव ले ही छत्तीसगढ़ के प्राचीनता के परमान मिलथे।




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बुधराम यादव वरिष्ठ संपादक
संजीव तिवारी संपादक
संपादकीय कार्यालय :
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हमर उदीम मेकराजाला म छत्तीसगढी भाखा के रचना मन ला धरनहा राख के एके जघा सकेले के हावय. हमर छत्तीसगढ के रहइया मन ला तो हमर भाखा के साहित्य के भंडार ल झांके बर मिल जाथे, फेर इहां ले बाहिर रहइया हमर भाखा के परेमी मन बर अपन महतारी भाखा ला पढे अउ सुने के ये ह सुघ्घर साधन आय. गुरतुर गोठ के हमर ये उदीम कइसे लागिस हमला बताहू.