Chhattisgarhi
  • सोन चिरई

    ओन्हारी सियारी सेकलाथे ताहन किसान मन के चोला आघू पढव...

    मई दिवस

    अइसन होथे काबर..... अइसन होथे काबर संसार म मेहनत आघू पढव...

    आईपीएल के बुखार

    स्कूल कॉलेज के छुटृटी हाबय, गरमी परत अपार आघू पढव...

    ग्राम सुराज

    फ़ेर सुरू होवत हवय हमर छत्तीसगढ म ग्राम आघू पढव...

    छत्तीसगढ़ के संस्कृति अउ लोकगीद पंथी

    ''पंथी गीद म लोक कल्याणकारी नीति, संदेस के रूप आघू पढव...

    छत्तीसगढ़ी कव्वाली- भरमाहा होगे नर तन

    भरमाहा होगे नर तन, चिटिक बात म अगन हो जाथे। नता आघू पढव...

    ''अमरइया म ना''

    चल जाबो रे संगी, चल जाबो रे जोही करमा नाचे ल आघू पढव...

    तोर मेहनत के लागा ल.....

    तोर मेहनत के लागा ल, तोर करजा के तागा ल उतार आघू पढव...

    माटी के मँदरी

     माटी के मँदरी ल चामे म छवाए कइसे? झुल-झुल आघू पढव...

    सोन चिरई

    ओन्हारी सियारी सेकलाथे ताहन किसान मन के चोला आघू पढव...

    मई दिवस

    अइसन होथे काबर..... अइसन होथे काबर संसार म मेहनत आघू पढव...

    आईपीएल के बुखार

    स्कूल कॉलेज के छुटृटी हाबय, गरमी परत अपार आघू पढव...

Category Archives: अनिल कुमार भतपहरी

मन के दीया ल बार

कटय नहीं अंधियारचाहे लाख दीया ल बारहोही जगजग ले अंजोरमन के एक दीया ल बार।जाति-धरम भाषा के झगरा बंद होक जाहीमया पिरीत के रूंधना चौबंद हो जाहीसावन कीरा कस गंजा जाही संसार…सुने म न तो कान पिरावय न देखे म आंखीदेख सुन के कर नियाव, निकले मुख अमरित बानीकबीर कहे हे उड़ जय थोथा राहय सुपा में सार…तैंतीस कोटी देवी-देवता अउ कतको धरम-करमखड़-खड़ के भगवान चुनेन नई जानेन हम मरमहर मनखे भगवान के अंशी करले चिटिक सोच विचार…कुआं, तरिया, नदी-नरवा, फेर कतको कन हे पियासापगुरा लेयन सब घाट घठौंदा पानी के दुरदसाबनके भागीरथ बोहवा गंगाधार…देर सबेर भूले भटके कतको बेर होय घर आय ल परथेउमड़त-घुमरत अगाश ल भुइयां मं गोड़ मढ़ाय ल परथेहम चेतन चेतावन जग ल काबर सहन करन अत्याचार…। अनिल कुमार भतपहरी

लीम चउरा के पथरा : कबिता

लीम चउरा के पथरा बिकट चिक्कनखड़भूसरा रहिस होगे कइसे बड़ चिक्कनओ तो जानत हवय सबके अन्तर मन। पंच-पटइल बइठ नियाव करिससुन्ता सुम्मत के नवा रद्दा गढ़िस। उधो-माधो के भाग ह खुलिससरकारी योजना म साहेब दूनों के नाव लिखिस। मंगलू बुधियारिन … आघू पढ़व