छत्तीसगढ़ी गज़ल : पीरा संग मया होगे
अइसन मिलिस मया सँग पीरा,पीरा सँग मया होगे.पथरा ला पूजत-पूजत मा,हिरदे मोर पथरा होगे. महूँ सजाये रहेंव नजर मा सीस महल के सपना ला ,अइसन टूटिस सीस महल के आँखी मोर अँधरा होगे. सोना चाँदी रूपया पइसा गाड़ी बंगला के आगू मया पिरित अउ नाता रिस्ताअब माटी – धुर्रा होगे. किरिया खाके कहे रहे तयं तोर संग जीना-मरना हे किरिया तोड़े ,सँग ला छोड़े आखिर तोला का होगे . जिनगानी ब्यौपार नहीं ये मया बिना कुछू सार नहींतोर बिना मनभाये- संगी जिनगानी बिरथा होगे. अरुण कुमार निगम आदित्य नगर,दुर्ग(छत्तीसगढ़)अरूण कुमार निगम जी के ब्लॉग – mitanigoth









