Chhattisgarhi
  • सोन चिरई

    ओन्हारी सियारी सेकलाथे ताहन किसान मन के चोला आघू पढव...

    मई दिवस

    अइसन होथे काबर..... अइसन होथे काबर संसार म मेहनत आघू पढव...

    आईपीएल के बुखार

    स्कूल कॉलेज के छुटृटी हाबय, गरमी परत अपार आघू पढव...

    ग्राम सुराज

    फ़ेर सुरू होवत हवय हमर छत्तीसगढ म ग्राम आघू पढव...

    छत्तीसगढ़ के संस्कृति अउ लोकगीद पंथी

    ''पंथी गीद म लोक कल्याणकारी नीति, संदेस के रूप आघू पढव...

    छत्तीसगढ़ी कव्वाली- भरमाहा होगे नर तन

    भरमाहा होगे नर तन, चिटिक बात म अगन हो जाथे। नता आघू पढव...

    ''अमरइया म ना''

    चल जाबो रे संगी, चल जाबो रे जोही करमा नाचे ल आघू पढव...

    तोर मेहनत के लागा ल.....

    तोर मेहनत के लागा ल, तोर करजा के तागा ल उतार आघू पढव...

    माटी के मँदरी

     माटी के मँदरी ल चामे म छवाए कइसे? झुल-झुल आघू पढव...

    सोन चिरई

    ओन्हारी सियारी सेकलाथे ताहन किसान मन के चोला आघू पढव...

    मई दिवस

    अइसन होथे काबर..... अइसन होथे काबर संसार म मेहनत आघू पढव...

    आईपीएल के बुखार

    स्कूल कॉलेज के छुटृटी हाबय, गरमी परत अपार आघू पढव...

Category Archives: गीत

मई दिवस

अइसन होथे काबर….. अइसन होथे काबर संसार म मेहनत करइया जीथे उधार म…. हटर-हटर बुता करथे जांगर पेराथे घाम-पानी चिन्हय नहीं लहू अंटाथे तभो लांघन मरते हंडिय़ा वोकरे तिहार म……… लागा-बोड़ी करके गजब कपसा उपजाथे कपड़ा बनाथे अउ मरजाद ल बचाथे कइसे वोकरे लाज लुटाथे भरे बजार म………. कुंवां खोद पानी ओगराथे बंजर-पहार म गंगा ल परघा के लाथे जे मन चतवार म कइसे मीठ पानी रिसाय रथे वोकरे दुवार म……. कोइला कोड़ के बड़े-बड़े भट्ठी सिपचाथें गडिय़ा के खंभा चारों खुंट बिजली बगराथें फेर कइसे रहिथे वोकरे घर भंइसा अंधियार म……… बड़े-बड़े कारखाना म लोहा जेन गलाथें सबके रेहे खातिर महल-अटारी टेकाथें तभो वोकरे परिवार बसथे निच्चट उजार म……….. सुशील भोले संपर्क : 41-191, डॉ. बघेल गली, संजय नगर (टि·रापारा) रायपुर (छ.ग.) मोबा. नं. 98269 92811

छत्तीसगढ़ी कव्वाली- भरमाहा होगे नर तन

भरमाहा होगे नर तन, चिटिक बात म अगन हो जाथे। नता रिस्ता के भरोसा, दाग लगते म दफन हो जाथे।। नियाव म नित नइये, नर से होय त भोरहा कहाथे। नारी आय त पापिन, कुटुम बर कुलछनीन हो जाथे।। भरमाहा … आघू पढ़व

तोर मेहनत के लागा ल…..

तोर मेहनत के लागा ल…..

तोर मेहनत के लागा ल, तोर करजा के तागा ल उतार लेतेंव रे, मैं ह अपन दुवार म……… देखत हावौं खेत-खार म जाथस तैं ह मंझनी-मंझनिया देंह ठठाथस तैं ह जाड़ न घाम चिन्हस, बरखा न बहार देखस ठउका उही … आघू पढ़व

माटी के मँदरी

माटी के मँदरी

 माटी के मँदरी ल चामे म छवाए कइसे? झुल-झुल मँदरिहा ताले म मिलावै रे,ताले म मिलावै। खोल फूट जाही का बजाबे रे, माटी के चोला बेरा चूक जाही पछताबे। गा ले हरि नाम घुर जाबे रे माटी के ढेला, बेरा … आघू पढ़व

फागुन महराज अब के गए ले कब अईहव

फागुन महराज अब के गए ले कब अईहव

फागुन महराज, फागुन महराज अब के गए ले कब अईहव ! अरे अब के गए ले कब अईहव, अरे अब के गए ले कब अईहव अरे अब के गए ले कब अईहव, अब के गए ले कब अईहव !! अरे … आघू पढ़व

(होरी गीत)फागुन फगुनाई

(होरी गीत)फागुन फगुनाई

मन झुमरे लागे संगी मोर, परसाही अमराई म। मऊहा म लगे कोवा के फर, फागुन फगुनाई म।। रूख राई नवा रूप धरे, सुखाय डारा पाना ल झराय। कोंवर पीका फोकियाय परे, ठुढ़गा के दिन बहुराय। कर ले मनभर के सिंगार, … आघू पढ़व

गीत : मोर गाँव म  संगी

गीत : मोर गाँव म संगी

मोर गाँव म संगी बसंत हा आगे हे , मोर गाँव म !! पाना पिंवरा ला धरती दाई अपन कोरा म झोंकय नावा पाना लहर – लहर के खांदा म मेछरावय एखर छाँव म संगी मति छरिया गे हे मोर … आघू पढ़व

मया के डोर बाँध ले न जी

मया के डोर बाँध ले न जी

छिन भर मा संग छूट जाही. मया के डोर बाँध ले न जी तोर हमर मया रही जाही, मया के डोर बाँध ले न जी मया के डोर बाँध ले न संगी मया के डोर बाँध ले न जी. छिन … आघू पढ़व

पं.द्वारिका प्रसाद तिवारी ‘विप्र’ के गीत

तोला देखे रेहेंव गा, तोला देखे रेहेंव गा । धमनी के घाट मा बोईर तरी रे ।। लकर धकर आये जोही, आंखी ला मटकाये गा, कईसे जादू करे मोला, सुख्खा म रिझाये गा । चूंदी मा तैं चोंगी खोचे, झूलूप … आघू पढ़व

चैत-नवरात म छत्तीसगढ़ी दोहा 6 : अरुण कुमार निगम

मात-पिता के मान हो, गुरु के हो सम्मान।मनखे बन मनखे जीये, सद्बुद्धि दे दान।। ओ मईया …… लोभ मोह हिंसा हटे, काम क्रोध मिट जाय।सतजुग आये लहुट के, अइसन कर तयं उपाय।। ओ मईया …… अनपूरना के वास हो, खेत … आघू पढ़व

अरुण कुमार निगम के गीत : नइ भूलय मिट्ठू तपत कुरु ….

अरुण कुमार निगम के गीत : नइ भूलय मिट्ठू तपत कुरु ….

आई लव यू………आई लव यू….तयं बोल रे मिट्ठू , आई लव यू….तपत कुरु के गये जमानाबोल रे मिट्ठू – आई लव यू….. राम-राम के बेरा -मा, भेंट होही तो गुड मार्निंग कहिबेए जी,ओ जी झन कहिबे,कहिबे तो हाय डार्लिंग कहिबेसबो … आघू पढ़व

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