मई दिवस
अइसन होथे काबर….. अइसन होथे काबर संसार म मेहनत करइया जीथे उधार म…. हटर-हटर बुता करथे जांगर पेराथे घाम-पानी चिन्हय नहीं लहू अंटाथे तभो लांघन मरते हंडिय़ा वोकरे तिहार म……… लागा-बोड़ी करके गजब कपसा उपजाथे कपड़ा बनाथे अउ मरजाद ल बचाथे कइसे वोकरे लाज लुटाथे भरे बजार म………. कुंवां खोद पानी ओगराथे बंजर-पहार म गंगा ल परघा के लाथे जे मन चतवार म कइसे मीठ पानी रिसाय रथे वोकरे दुवार म……. कोइला कोड़ के बड़े-बड़े भट्ठी सिपचाथें गडिय़ा के खंभा चारों खुंट बिजली बगराथें फेर कइसे रहिथे वोकरे घर भंइसा अंधियार म……… बड़े-बड़े कारखाना म लोहा जेन गलाथें सबके रेहे खातिर महल-अटारी टेकाथें तभो वोकरे परिवार बसथे निच्चट उजार म……….. सुशील भोले संपर्क : 41-191, डॉ. बघेल गली, संजय नगर (टि·रापारा) रायपुर (छ.ग.) मोबा. नं. 98269 92811










