Chhattisgarhi

बड गरब के बात हावय के भारत सरकार ह गुंडरदेही के शमशाद बेगम अउ राजनांदगांव जिला के ग्राम पंचायत सुकुलदेहान के फुलबासन बाई यादव ल येसो के पद्मश्री सम्मान देहे के हांका देहे हावय. हमर प्रदेश ल मिले ये सम्मान महिला मन के सम्मान आय.

इन दूनो मन गांव म महिला सशक्तिकरण बर काम करत हावंय. महिला स्व सहायता समूह के गठन ले दीदी बैंक के स्थापना, शिक्षा अउ रोजगार म महिला मन ला आत्मनिर्भर बनाये के काम इन दूनो सरलग करत हावंय. राजनांदगांव जिला के ग्राम पंचायत सुकुलदेहान के फुलबासन बाई यादव के नाव अब देस भर म बगर गे हावय. गरीब परिवार म जनमे फुलबासन के लइकइ होटल म कप-पिलेट धोवत बीते हावय. पढ़ाई के संउख रहे के सेती उमन ह साक्षर बनिन. दस साल के उम्मर म उखर बिहाव चंदूलाल यादव संग होइस फेर गरीबी उंखर संग ला नइ छोडिस. गरीबी अउ काम बुता नइ मिले के दुख ले हार खा के फुलबासन अपन गांव के महिला मन ला सकेल के जुर मिल के गरीबी संग लडे ला तियार होके खडा होगे.

पांच दिसंबर 1969 के दिन जनम धरे फुलबासन ह 2001 म शासन के महिला सशक्तिकरण योजना के लाभ लेवत अपन गांव के महिला मन ला सकेल के महिला स्व सहायता समूह बनाईन अउ इंहा ले महिला सशक्तिकरण के काम सुरू करिन. फुलबासन ह छत्तीसगढ़िया महिला मन ल अपन संगें संग आर्थिक बिकास के पाठ पढइस अउ अपन गांव के संगें संग राज्य म 12 हजार ले आगर महिला स्व सहायता समूह मन के गठन म जब्बर काम करिस. उमन कहत हावय के ये सम्मान उखर अकेल्ला के नोहे भलूक उन जम्मो महिला मन के अय जउन मन उंखर संग जुर मिल के काम करत हावय.

इमन मां बम्लेश्वरी स्व सहायता समूह नाव के एक ठन समूह बनाइन अउ महिला मन के शिक्छा अउ स्वरोजगार बर उदीम करे लागिन. इखर उदीम ले तीर—तार के जम्मो गांव मन म अडबड अकन स्व सहायता समूह बनिस अउ धीरे-धीरे इमन ला छोटे-मोटे काम मिले लागिस. काम मिले ले महिला मन के आर्थिक स्थिति बने होवत गइस. एक कोती परिवार अउ दूसर कोती समाज दूनों संग जूझत फुलबासन ह महिला मन ला एक नवा दिशा दीन। 2004 म छत्तीसगढ़ शासन कोती ले फूलबासन ला मिनीमाता पुरस्कार देहे गे हावय, इमन ला जमुनालाल बजाज पुरस्कार घलव मिले रहिस, ये पुरस्कार ले मिले 5 लाख रुपए ले इमन ह महिला मन के कार्यालय भवन अव बाजार बनवाए बर दान दे दीन। 2010 म फुलबासन ला राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ह राष्ट्रीय स्त्री शक्ति सम्मान तको देहे गय हावय.

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