प्रयोजनमूलक छत्तीसगढ़ी की शब्दावली – क्रिया

क्रिया – रंधई, खवई, पियइ, सुतइ, नचइ, कूदइ, खेलइ, इतरइ, हसड्, रोवइ, संगदेवइ, अवई-जवईइ, देख, किंजरइ, बनि-भुति करइ, कमई, लरइ-झगरा करइ, बकई, हनई, देवइ, बहरइ।

क्रिया शब्दों को अंत में ना उपसर्ग लगाकर भी लिखा जाता है यथा –
खाना मुसकाना धोना मया करना
हदरना बतराना बहकना जड़ाना
बहना खेलना बड़बड़ाना भगाना
भागना बजाना लड़बडाना गोठियाना
गाना बसना रेंगना लहराना
फसाना समझाना हंकराना हड़बडाना
हसना बुझाना पीटना खटकाना
पीटना तीरना रोना फंदना
बारना झटकना सुसकना जागना
हफ्टना सजाना उजारना सुतना
फोरना चिरना कलहरना हराना
नहाना सटकना जोतना अमरना
धोना पीना तिरियाना हफरना
मया करना मुसकाना रगड़ना छोलना
डरवाना बिजराना कहना डूबकना
बकना पोंकना खासना
दुलारना चोराना चरकना बोलना
गोठियाना धराना भोंकना कुदाना
कांखना उछरना भागना नाचना
हलाना सुररना लिखना पढना

शोधार्थी – राजेन्‍द्र कुमार काले, रायपुर. निदेशक – चित्‍तरंजन कर

प्रयोजनमूलक छत्तीसगढ़ी की शब्दावली – मुहावरे
प्रयोजनमूलक छत्तीसगढ़ी की शब्दावली – विभक्तियाँ
प्रयोजनमूलक छत्तीसगढ़ी की शब्दावली – अव्यय
प्रयोजनमूलक छत्तीसगढ़ी की शब्दावली – सर्वनाम
प्रयोजनमूलक छत्तीसगढ़ी की शब्दावली – आस्था, अंधविश्वास, बीमारियाँ
प्रयोजनमूलक छत्तीसगढ़ी की शब्दावली – वर्जनाएँ
प्रयोजनमूलक छत्तीसगढ़ी की शब्दावली – क्रिया
प्रयोजनमूलक छत्तीसगढ़ी की शब्दावली – गीत, नृत्य
प्रयोजनमूलक छत्तीसगढ़ी की शब्दावली – संस्कार