हरेली के गीत
तेजनाथ पिपरिया, कवर्धाहरेली निराली झूमत-नाचत आय हरियालीलाए संग म ये खुशहाली, आए हे गेड़ी म चढ़केदिखे देवी-देवता मन सरग के।धरे ठेठरी, खुरमी भरे थाली।झम-झम फूल बरसाए बादलसंभर गे जम्मो मोटियारी, मुसकुरावय गरीब किसाननागर बैला के करत सम्मान रंधनी ले मुसकावय … आघू पढ़व


