Tag: Chandan Verma

मोर भारत भूइयाँ ल परनाम

देस के बीर जवान जेन करिस काम महान,
देस के आजादी बर गवाँ दिस परान,
अइसन पुन के माटी म धरेंव जनम।
मोर भारत भूइयाँ ल परनाम।।

धन हे वो कोरा जेमा बीर खेलिस,
दूध के करजा ल लहू देके चुकइस
बेरा अब आय हे लेके ओखर नाम,
मोर भारत भूइयाँ ल परनाम।।

अंगरेज मन के कारन हमर
जिनगी होगे रहिस हराम,
भगतसिंह,गांधी मन के
मेहनत के हरय ये परिनाम,
वोखरे सेती करत हाबन बेफिकर
होके काम।
मोर भारत भूइयाँ ल परनाम।।

अजादी के बाद समसिया आगे महान,
जेकर बाबा अम्बेडकर ह करिस समाधान
दु साल गियारा महीना अट्ठारह दीन म
कर दिस सबले बड़का संविधान के निरमान।
मोर भारत भूइयाँ ल परनाम।।

छब्बीस जनवरी के गणतंत्र दिवस मनाबोन,
जुरमिल के संगी तिरंगा ल फहराबोन,
फेर ले लेबो जम्मो बीर सहीद के नाम,
मोर भारत भूइयाँ ल परनाम।।

चंदन वर्मा
करमा (भैंसा), खरोरा
जिला – रायपुर (छ. ग.)
मो. 8120274719

दारू के गोठ

जेती देखबे तेती, का माहोल बनत हे।
सबो कोती ,मुरगा दारू के गोठ चलत हे।।

थइली म नइहे फूटी कउड़ी,अउ पारटी मनाही।
चांउर ल बेंच के, दारू अउ कुकरी मंगाही।।

मुरगा संग दारू ह,आजकाल के खातिरदारी हे।
खीर पूड़ी के अब, नइ कोनो पुछाड़ी हे।।

दारू के चक्कर म, छोटे बड़े के नाता ल भुलागे।
आधा मारबे का कका,कइके मंगलू ह ओधियागे।।

नंगत कमाय हे कइके, बेटा बर लानत हे ददा ह।
अब तो संगे संग म पीयत हे, कका अउ बबा ह।।

होवत संझाती भट्ठी म, भारी भीड़ दिखत हे।
अंगरेजी ल छोड़के सबो, देसी के तीर दिखत हे।

अब झन करव गा कोनो, मुरगा-दारू के गोठ ल।
सादा जीवन ऊंचा बिचार के, बनावव अपन सोच ल।।

चंदन वर्मा
करमा (भैंसा)
खरोरा
जिला – रायपुर (छ. ग.)
मो. 8120274719

सबो नंदागे

कउवा के काँव काँव।
पठउंहा के ठउर छाँव।
भुर्री आगी के ताव।
सबो नदागे।।

खुमरी के ओढ़इ।
कथरी के सिलइ।
ढेकना के चबइ।
सबो नदागे।।

हरेली के गेड़ी चढ़इ।
रतिहा म कंडील जलइ।
कागज के डोंगा चलइ।
सबो नदागे।।

नांगर म खेत जोतइ।
बेलन म धान मिंजइ
पइसा बर सीला बिनइ।
सबो नदागे।।

ममा दाई के कहानी किस्सा।
संगवारी संग खेलइ तीरी पासा।
मनोरंजन के गम्मत नाचा।
सबो नदागे।।

रेडियो के समाचार सुनइ।
सगा ल चिट्ठी लिखइ।
सिलहट पट्टी म लिखइ-पढ़इ।
सबो नदागे।।

टेंड़ा म पानी पलोइ।
ढेंकी म धान कुटइ।
जाँता म पिसान पिसइ।
सबो नदागे।।

चंदन वर्मा
ग्राम- करमा (भैंसा),
थाना- खरोरा,
जिला – रायपुर (छ. ग.)

बेरोजगारी के पीरा

का बतावंव संगी मोर पीरा ल,नींद चैन नइ आवत हे।
सुत उठ के बड़े बिहनियाँ,एके चिंता सतावत हे।

नउंकरी नइ मिलत हे,अउ बेरोजगारी ह जनावत हे।
दाई ददा ह खेती किसानी करके,मोला पढ़हावत हे।

फेर उही किसानी करे बर,अब्बड़ मोला सरम आवत हे।
पर के नउंकरी करे बर,मन ह मोर अकुलावत हे।

अँगूठा छाप मन कुली कबाड़ी करके,पंदरा हजार कमावत हे।
फेर मँय इस्नातक पास ल,पाँच हजार में घलो कोनो नइ बलावत हे।

पढ़त-पढ़त सोचंव कलेक्टर बनहूँ,अब चपरासी बनना मुस्किल पड़त हे।
नानकिन चपरासी बर,पी.एच.डी वाले मन फारम भरत हे।

देस म आतंकवाद ले बड़े समसिया,बेरोजगारी ह लागत हे।
एकरे सेती दुनिया भर म,अपराध घलो ह बाढ़त हे।

नउंकरी तो बहुत हे,फेर सरकारी अगोरा हे।
सरकार ह भरती तभे करथे,जब चुनाव के बेरा हे।

फारम भरत-भरत उमर घलो पहागे।
चुन्दी ह पाक गे अउ दिमाग ह कंझागे।

सबो झन ताना मारथे,काम बूता कुछू करय नही।
फेर अतका पढ़-लिख के मजदूरी करइ जमय नही।

सरकारी नउंकरी पाना,मुस्किल भारी होगे।
लागथे अब पढ़हई-लिखई घलो गारी होगे।

एक पद बर हज़ार झन फारम भरत हे।
एके झन के लगत हे अउ सरकार के झोली भरत हे।

हर साल कतको पढ़ के निकलत हे।
तहान गली-गली बइहा,बरोबर गिंजरत हे।

सबो झन नउंकरी बर,येती-तेती भागत हे।
एकरे सेती संगी देस म,बेरोजगारी ह बाढ़हत हे।।

चंदन वर्मा
करमा (भैंसा), खरोरा
जिला – रायपुर (छ. ग.)
मो. 8120274719