Chhattisgarhi छत्‍तीसगढ़ी

  • रइपुर के स्कूली लइका मन के नदिया म बुड़ के उदुप ले होए मौत ले पूरा समाज के दिल रोवत हे, पालक मन उपर का बीतत होही ये सोच के बेचैनी होए लागथे। भगवान लइका मन ल परम शांति प्रदान करय अऊ परिजन मन ल ये दुख के बेरा म दुख सहे बर बल देवय, […]
  • रायपुर, मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ह विधिवेत्ता, अर्थशास़्त्री, समाज सुधारक, कुशल राजनीतिज्ञ अऊ संविधान बनइया भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव आम्बेडकर के पुण्यतिथि 6 दिसम्बर म ओ मन ल नमन करे हें। श्री बघेल ह कहिन कि बाबा साहब ह सामाजिक भेदभाव के विरूद्ध अभियान चलाइन अऊ सब बर समान अधिकार, स्वतंत्रता अऊ व्यवहार […]
  • मुख्यमंत्री अऊ शिक्षा मंत्री ह दीन बधाई अऊ शुभकामना रायपुर, केरल के राजधानी तिरूवनन्तपुरम म आयोजित होवइया 27वां राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस 2019 म सुकमा जिला के चार लइका भाग लेहीं। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल अऊ स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ह भाग लेवईया लइका मन ल बधाई अऊ शुभकमाना दिए हें। हम […]
  • उद्योग मंत्री ह करिस बुड़दी म गौठान के लोकार्पण रायपुर, उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा ह कहिन कि राज्य सरकार किसान मन के आय बढ़ाए के दिशा म काम करत हे। ग्रामीण अर्थव्यवस्था ल मजबूत बनाए बर सुराजी गांव योजना के तहत गौठान के निर्माण करे जात हे। ए गौठान मन म ग्रामीण युवा मन […]
  • रायपुर, संस्कृति मंत्री श्री अमरजीत भगत के आज राजस्थान राज्य के जयपुर पहुंचे म उहां के आदिवासी बीमा कर्मी विचार मंच के प्रतिनिधि मंडल ह सर्किट हाउस म राजस्थानी आदिवासी संस्कृति के चिनहा साफा पहिराके आत्मीय स्वागत करिन। ये मौका म प्रतिनिधिमंडल ह श्री भगत ल राजस्थान के आदिवासी संस्कृति अऊ अपन मंच के गतिविधि […]

साहित्‍य

  • जिए केअधिकार जम्मो झन ल हे - जिनगी ह काखरो जिनीस नोहे जेला कोन्हो घलो जब चाही तब नगा लीही।जिए के अधिकार जम्मो झन ल हे।चाहे वो चिरयी चुरगुन,जीव जनतु कोन्हो रहाय इहां तक रुख राई ल घलव जिए केअधिकार हे।फेर आजकल इंखर मन ले गये बीते मनखे मन के जिनगी के मोल नी हे।कतको सुने बर अउ देखे बर मिलथे के […]
  • चौसठ यांत्रिक कला के माहिर विश्वकर्मा - हमर देश मा आदिकाल से नवा नवा जिनिस के निर्माण अउ सिरजन चले आवत हे। शास्त्र मा अस्त्र शस्त्र से ले के नगर बसाय के गुण वाले देव धामी मन के जनम धरे के जानकारी हावय ।एमा निर्माण अउ सिरजन के देवता माने आज के शबद में आर्किटेक्ट , इंजीनियर , मिस्री के रुप विश्वकर्मा […]
  • जियत ले मारिस डंडा , मरिस त लेगिस गंगा - तइहा तइहा के बात आय। पैरी नदी के खंड़ म राजिम नाव के गांव रहय। राजिम म खालहे डहर महानदी अऊ पैरी नदी के संगम घला रहय। असाढ़ सावन म महानदी के पानी सिद्धा राजिम के गली म खुसर जाये तेकर सेती राजिम के घर दुवार म पानी भर जाय। बरसात के चार महिना म […]
  • हमर देस राज म शिक्षक के महत्तम - कोनो भी देस के बिकास ह सिछक के हाथ म होथे काबर के वो ह रास्ट्र के निरमान करता होथे। वो ह देस के भबिस्य कहे जाने वाला लईकरन मन ल अपन हर गियान ल दे के पढ़ईया लईकरन मन ल ये काबिल बनाये के कोसिस करथे के वो ह देस के बिकास के खातिर […]
  • गणेश पूजा अउ राष्ट्र भक्ति - भारत के आजादी मा गणेश भगवान अइसे तो भगवान गणेश के पूजा आदिकाल से होवत आत हे।कोनो भी पूजा, तिहार बार के शुरुआत गणेश के पूजा ले होथय।सनातन अउ हिन्दू रीति रिवाज मा गणेश ला प्रथम पूज्य माने गय हे। गौरी गणेश के पूजा बिन कोनो पूजा ला सफल नइ माने जाय। हमर देश मा […]
  • राजागुरु बालकदास : छत्तीसगढ़ गवाही हे - भिंसरहा के बात आय चिरइ चुरगुन मन चोंहचीव चोंहचीव करे लगे रहिन…अँजोरी ह जउनी हाथ म मोखारी अउ लोटा ल धरे डेरी हाथ म चूँदी ल छुवत खजुवावत पउठे पउठा रेंगत जात हे धसर धसर।जाते जात ठोठक गे खड़ा हो के अंदाजथे त देखथे आघू डहर ले एक हाथ म डोल्ची अउ एक हाँथ म […]
  • तीजा – पोरा के तिहार - छत्तीसगढिया सब ले बढ़िया । ये कहावत ह सिरतोन मा सोला आना सहीं हे । इंहा के मनखे मन ह बहुत सीधा साधा अउ सरल विचार के हवे। हमेशा एक दूसर के सहयोग करथे अउ मिलजुल के रहिथे । कुछु भी तिहार बार होय इंहा के मनखे मन मिलजुल के एके संग मनाथे । छत्तीसगढ़ […]
  • धरसींवा के शिव मन्दिर - चरौदा, धरसींवा रायपुर में स्थित शिव मन्दिर के इतिहास के बारे आप अगर गाँव सियान मन ल पूछहू त झटकुन ऊँखर जुबान म पहिली नाम बाबू खाँ के आथे, हाँ ये उही बाबू खाँ आए जब 45 साल पहिली जब पूरा देश आजादी के प्रभात फेरी अऊ जश्न मनाए म डूबे रिहिस त बाबू खाँ […]
  • आठे कन्हैया - हमर भारत देस ह देवता मन के भुइंया हे येखर कोना-कोना पुण्य भुंईया हेे। इहां पिरीथिवी लोक म जब-जब धरम के हानी होवत गईस तब-तब भगवान ह ये लोक म अवतार लिहीस। भगवान सिरी किसन जी ह अरजुन ल कुरूक्षेत्र म भागवत गीता के अध्याय 4 के स्लोक 7 अउ 8 म उपदेस देवत कईथे […]
  • जतन करव तरिया के - पानी जिनगी के सबले बड़े जरूरत आय।मनखे बर सांस के बाद सबले जरूरी पानी हरे।पानी अनमोल आय।हमर छत्तीसगढ़ म पानी ल सकेले खातिर तरिया,डबरी अउ बवली खनाय के चलन रिहिस।एकर अलावा नरवा,नदिया अउ सरार ले घलो मनखे के निस्तारी होवय। तइहा के मंडल मन ह अपन अउ अपन पुरखा के नाव अमर करे खातिर तरिया […]

माई कोठी