छत्‍तीसगढी़ के लोकप्रि‍य कवि नाटककार भूपेंद्र टिकरिहा के जनम 29.9.1045 म डंगनिया (पाटन) म एक परतिष्‍ठ‍ित किसान परिवार म होय रहिस। सुसील यदु के सब्‍द म आप जगा जगा साहित्‍य सम्‍मेलन करवा के छत्‍तीसगढी़ कविता के अलख जगाय हवा धरती के संग जिनगी के रंग उंकर चर्चि‍त काव्‍य संकलन आय। उनकर रचना मन दर्जनों पत्र पत्रि‍काओ म मा छपत रहिस फेर आज उन नइये गुने बर परथे हमर आर्दस गुरू जी मयारूख कवि कहा लुकागे।