गरीबा : महाकाव्य – दूसर पात : धनहा पांत

छत्तीसगढ़ी गरीबा महाकाव्य रचइता – नूतन प्रसाद प्रथम संस्करण – 1996 मूल्य – पांच सौ रुपये स्वत्व – सुरेश सर्वेद आवरण – कृष्णा श्रीवास्तव गुरुजी डिजाइन एवं टाईपसैट – जैन कम्प्यूटर सर्विसेज, राजनांदगांव प्रकाशक सुरेश सर्वेद मोतीपुर, राजनांदगांव वर्तमान पता सुरेश सर्वेद Read More

भोलापुर के कहानी

(छत्तीसगढ़ी कहानी संग्रह) कथाकार : कुबेर पूर्वावलोकन : डॉ. नरेश कुमार वर्मा लोक की कहानी – प्रथम संस्करण की समीक्षा : डॉ. गोरे लाल चंदेल संपादकीय : सुरेश ‘सर्वेद’ लेखकीय : कुबेर कहिनी ओसरी पारी 1 :  डेरहा बबा 2 :  राजा Read More

गरीबा : महाकाव्य (पहिली पांत : चरोटा पांत)

साथियों, भंडारपुर निवासी श्री नूतन प्रसाद शर्मा द्वारा लिखित व प्रकाशित छत्‍तीसगढ़ी महाकाव्‍य “ गरीबा” का प्रथम पांत “चरोटा पांत” गुरतुर गोठ के सुधी पाठकों के लिए प्रस्‍तुत कर रहा हूं। इसके बाद अन्य पांतों को यहॉं क्रमश: प्रस्‍तुत करूंगा। यह महाकाव्य Read More

भिनसार (काव्‍य संग्रह) – मुकुंद कौशल

छत्‍तीसगढ़ी काव्‍य संग्रह : भिनसार, रचनाकार : मुकुंद कौशल, प्रकाशक : दिशान्‍त प्रकाशन, दुर्ग. प्रथम संस्‍करण : 1989, मूल्‍य : सात रूपये, मुद्रक : रेजीमेन्‍टल प्रेस, दुर्ग. आवरण : मोहन गोस्‍वामी.

गॉंव कहॉं सोरियावत हे : चार आखर – बुधराम यादव

चार आखर सत ले बड़े धरम, परमारथ ले बड़े करम, धरती बड़े सरग अउ मनुख ले बड़े चतुरा भला कउन हे । संसारी जमो जीव मन म सुख अउ सांति के सार मरम अउ जतन ल मनखे के अलावा समंगल कउनो आने Read More

छत्तीसगढ़ी कहिनी किताब : गुलाब लच्‍छी

संगी हम आपके खातिर ‘गुरतुर गोठ’ म छत्तीसगढ के ख्यात साहित्यकार, कहानीकार श्री मंगत रविन्द्र जी के अवईया दिनन म प्रकासित होवईया कहानी संग्रह ‘गुलाब लच्छी’ के सरलग प्रकाशन करे के सोंचत हावन । इही उदीम म आज ये कहानी संग्रह के Read More

छत्तीसगढ़ी कहिनी किताब : गुलाब लच्‍छी

संगी हम आपके खातिर ‘गुरतुर गोठ’ म छत्तीसगढ के ख्यात साहित्यकार, कहानीकार श्री मंगत रविन्द्र जी के अवईया दिनन म प्रकासित होवईया कहानी संग्रह ‘गुलाब लच्छी’ के सरलग प्रकाशन करे के सोंचत हावन । इही उदीम म आज ये कहानी संग्रह के Read More