रायपुर : प्रादेशिक सेना के पैदल वाहिनी (153 इन्फैट्री बटालियन) के भर्ती रैली 08 ले 14 फरवरी तक

रायपुर। 153 इन्फैंट्री बटालियन पैदल वाहिनी (प्रादेशिक सेना) डोगरा मं भर्ती के आयोजन 08 फरवरी ले 14 फरवरी 2017 तक नवा रायपुर (छत्तीसगढ) मं आयोजित करे जाही। राज्य के इच्छुक अभ्यर्थि मन ल, 08 अउर 09 फरवरी 2017 को अपन जम्मो कागद Read More

समीक्छा : दोहा के रंग

साहित्य के छंद के अपन अलगे महत्ता हवय। छंद ह साधना के विसय आय, बेरा-बेरा म छत्तीसगढ़ी म छंद लेन के काम होवत रहे हे, फेर आज के नवा पीढ़ी ह छंद के नाव ले सुनके भागथे। अइसन बेरा म रमेेश चौहान Read More

उस्ताद अमजद अली खां, श्रीमती तीजन बाई, शेखर सेन अउ भारती बन्धु ल मानद डी.लिट् के उपाधी

इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह म शामिल होईस मुख्यमंत्री  23 दिसम्बर 2016। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह आज खैरागढ़ के कला संगीत विश्वविद्यालय के चौदहंवा दीक्षांत समारोह म संघरिन। उमन विश्वविद्यालय कोति ले प्रसिद्ध सरोद वादक पद्मविभूषण उस्ताद अमजद अली Read More

छत्तीसगढ़ी साहित्य में काव्य शिल्प-छंद

– रमेशकुमार सिंह चौहान छत्तीसगढ़ी छत्तीसगढ़ प्रांत की मातृभाषा एवं राज भाषा है । श्री प्यारेलाल गुप्त के अनुसार ‘‘छत्तीसगढ़ी भाषा अर्धभागधी की दुहिता एवं अवधी की सहोदरा है।’’1 लगभग एक हजार वर्ष पूर्व छत्तीसगढ़ी साहित्य का सृजन परम्परा का प्रारम्भ हो चुका Read More

नंदाजाही का रे कमरा अउ खुमरी

  मीर अली मीर जी छग के लोकप्रिय गीतकार आय। उंकर गीत संघरा नंदा जाही का? कमरा अउ खुमरी…। मिलिस। नंदा जाही का… उंकर प्रतिनिधि अउ कालजयी रचना आय। इही गीत ह उंकर संघरा के शीर्षक आय जउन फिट बईठथे। कुल 58 Read More

सुजान कवि के सुजानिक छन्द कविता : छन्द के छ

छत्तीसगढ़ी के परथम समरथ कवि पंडित सुन्दर लाल शर्मा के बाद कवि श्री कोदूराम दलित तक छन्द म लिखइया पोठ साधक कवि रहिन. उंकर छन्द म लिखे छत्तीसगढ़ी कविता म जीवन के संदेस समाए हे कवि श्री कपिल नाथ कश्यप जी दोहा Read More

छत्तीसगढ़ी म छंद बरनन के पहिली किताब

लिखित साहित्य में अपन अनुभव ल बांटे बर पद्य अउ गद्य के उपयोग करे जाथे। जेमा पद्य के उंचहा मान हवय, पद्य ल गद्य के कसौटी तको कहे गए हे। तेखरे खातिर दुनिया के अलग अलग भाखा के साहित्यप मन म पद्य Read More

लोक भाखा के सामरथ : छत्तीासगढ़ी म प्रेमचंद के कहिनी

हिन्दी कहिनी के दुनियां म प्रेमचंद ल ‘कथा सम्राट’ कहे जाथे, हम सब प्रेमचंद ल ओखर कहिनी ले जानथन। पंच परमेश्विर, बूढ़ी काकी, नमक के दरोगा जइसे कइयोन कहिनी मन हमला जीवन म सत के संस्कादर अउ समाज ल समझे के विवेक Read More

सबद के धार : पीरा ल कईसे बतावंव संगी

छत्‍तीसगढ़ी साहित्‍य म अब साहित्‍य के जमो विधा उपर रचना रचे जात हवय. ये बात हमर भाखा के समृद्धि बर बहुत सुघ्‍घर आरो आय. गद्य जइसे पद्य म घलव कविता, गीत, हाईकू के संगें संग उर्दू साहित्‍य के विधा गजल तको ल Read More

गांव-गंवई के बरनन- मिश्र के कविता में – सरला शर्मा

तेईस दिसंबर सन् उन्नीस सौ तीस म जाज्वल्यदेव के ऐतिहासिक नगरी जांजगीर के बाह्मनपारा म रहइया स्व. कन्हैयालाल मिश्र अऊ श्रीमती बहुरादेवी के घर अंजोर करइया बेटा जनमिस। महतारी-बाप के खुसी के ठिकाना नइ रहिस। आघू चल के विद्याभूषण जी अपन नांव Read More