जब तँय जाबे जाबे जब तँय जगत ले , का ले जाबे साथ संगी अइसन करम कर, जस होवै सर-माथ जस होवै सर – माथ नवाबे, नाम कमाबे जेती जाबे , रस बरसाबे , फूल उगाबे झन सुस्ताबे , अलख जगाबे , मया लुटाबे रंग जमाबे , सरग ल पाबे, जब तयँ जाबे अमृत ध्वनि छन्द डाँड़ (पद) – ६, ,चरन- १६ , पहिली २ डाँड़ दोहा अउ बाद के ४ डाँड़ ८-८ के मातरा मा यति वाले ३-३ चरन माने कुल २४-२४ मातरा के रहिथे फेर रोला नइ रहाय.…
Read More