गया प्रसाद बसेढि़या अपन समय के कवि मन के बीच म वस्तु अउ सिल्प दूनो दृष्टि से बहुतेच महत्वपूर्ण कवि रहिन। आप दुर्ग जिला म गौर खेडा ग्राम (खरोरा) म सिक्छक रहेव। 1930 म रिटायर के बाद उन भानू कवि ले प्रेरना ले के रचना करे लगिन। महादेव के बिहाव उंकर उच्चकोटि के खंड काव्य आय। श्री जगन्नाथ प्रसाद भानु कवि के प्रेरणा ले आप में साहित्यिक अभिरुचि पैदा होइस। डाक्टर दयासंकर सुक्ल के सब्द म छत्तीसगढी़ म कतेक काव्य सन्दर्भ हे एकर परिचय उंकर ए पुस्तक ल पढे़ म मिलथे।
गुरतुर गोठ में संग्रहित रचनायें .