छत्‍तीसगढी़ के मौन साधक

अंधेर भावुक कवि हेमनाथ यदु के अवतरन महमाई पारा रायपुर म 1 अप्रेल 1928 (कोई कोई 1924 तको कथें) म होय रहिस। छत्‍तीसगढी़ ल भासा बनाय के दिसा म आप बहुत ज्‍यादा संघर्ष करें हव। काव्‍य सास्‍त्र के घलोक आप ल अब्‍बड़ ज्ञान रहिस बद्री विसाल परमानंद जइसे बडे़ कवि आपके प्रेरना स्‍त्रोत रहिन।

हेमनाथ यदु के प्रकासित रचना –
1. सुआ गीत- लेखक सहयोगी प्रकाशन, रायपुर
2. सोन चिरइया (1974)
3. छत्तीसगढ़ गऊ गोहार (1975)
4. छत्तीसगढ़ी रामायण सुंदरकांड (1975)
5. छत्तीसगढ़ी रामायण किष्किन्धाकांड (1976)
6. मन के कलपना ( छत्तीसगढ़ी गीत संग्रह )
7. हेमनाथ यदु व्यक्तित्व एवं कृतित्व (1983) संपादक सुशील यदु, छत्तीसगढ़ी साहित्य समिति द्वारा प्रकाशन
8. सुरता राखे रा संगवारी ( छत्तीसगढ़ी गीत संग्रह ) संपादक सुशील यदु, छत्तीसगढ़ी साहित्य समिति (2017)
9. छत्तीसगढ़ दरसन (2017) संपादक- सुशील यदु , प्रकाशक- श्री बसनू यदु

छत्तीसगढ़ के लोक सांस्कृतिक परब मन के संबंध म इंकर लेख दैनिक समाचार मन म प्रकाशित होवत रहिस। इमन छत्तीसगढ़ के पहिली स्तंभकार आएं। दैनिक युगधर्म, रायपुर म इंकर “अपन गोठ में अपन बात” नाम के स्‍तंभ छपत रहिस हे। छत्‍तीसगढ़ी के ए निस्‍काम सपूत के इंतकाल रायपुर म 5 अप्रैल 1979 के होय रहिस।