पंचांग : महानवमी पर बनेगा रवि योग, जानें मां सिद्धिदात्री पूजा और कन्या पूजन का महत्व”

हैदराबाआज 01 अक्टूबर, 2025 बुधवार, के दिन आश्विन महीने की शुक्ल पक्ष नवमी तिथि है. माता सरस्वती इस तिथि की शासक हैं. दुश्मनों और प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ योजना बनाने के लिए ये एक अच्छा दिन है. किसी भी शुभ समारोह और यात्राओं के लिए ये तिथि अशुभ मानी जाती है. आज महानवमी है और आज रवि योग भी बन रहा है.

1 अक्टूबर का पंचांग

  1. विक्रम संवत : 2081
  2. मास : आश्विन
  3. पक्ष : शुक्ल पक्ष नवमी
  4. दिन : बुधवार
  5. तिथि : शुक्ल पक्ष नवमी
  6. योग : अतिगंड
  7. नक्षत्र : पूर्वाषाढ़ा
  8. करण : बलव
  9. चंद्र राशि : धनु
  10. सूर्य राशि : कन्या
  11. सूर्योदय : सुबह 06:30 बजे
  12. सूर्यास्त : शाम 06:27 बजे
  13. चंद्रोदय : दोपहर 02.28 बजे
  14. चंद्रास्त : देर रात 12.53 बजे (2 अक्टूबर)
  15. राहुकाल : 12:29 से 13:58
  16. यमगंड : 08:00 से 09:30

इस नक्षत्र में करें माता लक्ष्मी की पूजा
आज के दिन चंद्रमा धनु राशि और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में रहेंगे. यह नक्षत्र धनु राशि में 13:20 से लेकर 26:40 तक फैला है. इसके शासक ग्रह शुक्र और देवता वरुण हैं. पूर्वाषाढ़ का मतलब होता है, विजय से पूर्व. इस नक्षत्र में किसी भी बड़े काम की तैयारी करना अच्छा रहता है. इस नक्षत्र में माता लक्ष्मी की पूजा करना शुभ रहता है.

आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 12:29 से 13:58 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम् से भी परहेज करना चाहिए.

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