जानिए प्रमुख शहरों में आज पेट्रोल और डीजल के दाम
| शहर |
पेट्रोल रुपये प्रति लीटर |
डीजल रुपये प्रति लीटर |
| दिल्ली |
102.12 |
95.20 |
| मुंबई |
111.31 |
97.97 |
| फरीदाबाद |
103.28 |
96.10 |
| चेन्नई |
107.78 |
99.56 |
| लखनऊ |
101.86 |
95.36 |
| पटना |
113.35 |
99.36 |
| नासिक |
112.46 |
98.20 |
| भोपाल |
115.41 |
100.47 |
| प्रयागराज |
101.82 |
95.05 |
रूसी तेल की खरीद में आई कमी, मिडिल ईस्ट से बढ़ी सप्लाई
भारत के कच्चे तेल आयात के स्रोतों में भी हाल के दिनों में बदलाव देखने को मिला है. अगस्त में रूस से भारत आने वाले कच्चे तेल की मात्रा जुलाई की तुलना में 16.5 फीसदी घटकर करीब 21 लाख बैरल प्रतिदिन रह गई.इसके उलट मिडिल ईस्ट से कच्चे तेल की सप्लाई में बढ़ोतरी हुई है. इसका एक प्रमुख कारण संयुक्त अरब अमीरात की सरकारी तेल कंपनी ADNOC की ओर से होर्मुज स्ट्रेट के बाहर स्थित फुजैराह और सोहर जैसे टर्मिनलों से कच्चे तेल की आपूर्ति शुरू करना बताया गया है.
अमेरिकी प्रतिबंधों के बीच भारतीय रिफाइनरियों की रणनीति में बदलाव
रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर भारतीय रिफाइनरियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक जोखिम बढ़ा है. अमेरिका में रूस और ईरान से जुड़े प्रतिबंधों को लेकर हाल में सख्त कानूनी प्रावधान सामने आए हैं. इनके तहत रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने का अधिकार अमेरिकी राष्ट्रपति को दिया गया है.भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी रहने के बीच भारतीय रिफाइनरियां अपने आयात स्रोतों में संतुलन बनाने पर जोर दे रही हैं. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक रूस से तेल खरीद पर निर्भरता को धीरे धीरे कम करके करीब 20 से 30 फीसदी के दायरे में लाने की कोशिश की जा रही है.
आम लोगों के लिए क्यों अहम है कच्चे तेल के आयात में बदलाव
भारत अपनी घरेलू जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयातित कच्चे तेल से पूरा करता है. इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, आयात के स्रोत, रुपये की विनिमय दर और सरकार के टैक्स जैसे कई कारक घरेलू ईंधन कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं. फिलहाल देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं.