मैं सोचथंव के उनला अपन फिलिम म खराब फूहड़ दिरिस्य अउ गीत के निर्माण करके छत्तीसगढ़िया मन के आदत बिगाड़े के प्रयास करना एक सवाल खड़ा करथे। बने फिलिम अउ गीत हमेशा सफल होय हे। ये बात ल सुरता राखना एक फिलिमकार बर बड़ जरूरी हे। कोनो भी काम ल शुरुआत करे बर कोनो न कोनो ल अपन सोच के चिरई ल अगास म उड़े बर अजाद करे ला लागथे अउ वोहा जिहां तक ले उड़थे उहां तक के सपना ल सिरजाये खातिर रात-दिन ल एक माने ल लागथे। फिलिम…
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फिलिम समीच्छा : गुँरावट छत्तीसगढ़ीया मन के हिरदे म खुसरही
छत्तीसगढ राज बने के बाद सबो डहर ले राज हा अधवावत हे चौतरफा विकास के धजा लहरावत हे भले पेड़ कटावत हे फेर बिल्डिंग अउ सड़क हा राज ला समरिद्धी के खिपहसार देवत हे ये विकास के नाव म सेखी बघरइया तथा विकास के पुजेरी मन बर सथाल हे। सवाल म अउ कई ठीन सवाल हे ओमा संस्कृति के सवाल हे अब संस्कृति के सवाल म एक ठीन जबर सवाल ये हे कि कला संगीत अउ परंपरा के गढ कहां है? बीते बच्छर मा कला संस्कृति संगीत म राज हा…
Read Moreगुरूजी नमस्कार – कबिता
गुरूजी नमस्कार, काहत हावे सरकार। सिक्छक तो नई बना पायेन फेर सिक्छा म कर्मी जोड़े के खातिर मिहनत करेन अपार। गुरू जी नमस्कार॥ बने नंबर घला दे देन एक दू तीन सिक्छा कर्मी अइसन हे कानून निकाल के सिक्छित बेरोजगार मन ल, करथन बंठाधार। गुरू जी नमस्कार॥ ये गुरू के निन्दा हरे धन नोहे ग गय गुरू, माता, पिता, भगवान के जमाना अब तो गुरू जी मन ल, रोजी मं रगड़त हन अपार। गुरू जी नमस्कार॥ यह काय दयनीय दशा ये ग जनगणना के दिन आगे अब पेर-पेर के गुरूजी…
Read Moreकबिता : होरी के उमंग नोनी……
होरी के उमंग नोनीमाते हावय चारों कोतीहोरी के उमंग नोनीरंग अउ गुलाल देखउत्ताधुर्रा मातत हे।खुसी अमरावत हावयघर-घर, गली-गलीलइका अउ सियान सबफाग गीत गावत हे।रंगगे होरी ह सिरतोहोरी के उछाह म वोमया-मया मया-मयाडहर पहर बगरत हे।तरिया सुहावत हावयअमरइया ममहावत हावयकोइली हा गुरतुर-गुरतुरराग ल अलापत हे।झूमत हावय रुखराईकरत हावय अगुवाईहोरी म गोरी हा कइसेजोड़ी सोरियावत हे।जुड़-जुड़ पानी बिहनासंझा के जुड़ हावाभइगे संगी सबे बेराबासी हा सुहावत हे।आवव जम्मों जुरमिलमना लेवन संग होरीहोरी हा बइरी ल घलोमितान बनावत हे। चम्पेश्वर गोस्वामीभटगांव, अभनपुर
Read Moreमया के गीत
नदिया नरवा मा बोहावत हे पबरित मया के गीत हरियर भुइंया म लहरावत हे पबरित मया के गीत। बनिहारिन गुनगुनावत हे खेत म मुचमुचा के… मंडल गरीब मिलके गावत हे पबरित मया के गीत। सीतला दाई के ठंडई म बाड़हत हे दया मया… बइरी मन ल मीत मनावत हे पबरित मया के गीत। कोयली निक सुर म सोरियावत हे आमा डार म… सुग्घर जिनगी म पहावत हे पबरित मया के गीत। जय होवय छत्तीसगढ़ दाई जम्मो लइका कहत हन… चारो कोती धूम मचावत हे पबरित मया के गीत। चम्पेश्वर गोस्वामी…
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