सुरता (संस्मरण) – सिकरनिन दाई

जब मंय ह प्रायमरी कक्षा म पढ़त रेहेंव अउ हमर ददा-कका मन के संयुक्त परिवार रिहिस त परिवार म बारो महीना कोई न कोई घुमंतू मंगइया-खवइया नइ ते पौनी-पसेरी मन के आना-जाना लगेच् रहय। विहीमन म एक झन माई घला आवय। हमर Read More

उम्मीद म खरा उतरे बर आज के बुद्धिजीवीमन ल सामने आना चाही : खुमान लाल साव

खुमान लाल साव जी से कुबेर अउ पद्मलोचन के गोठ बात, श्रुत लेखन – कुबेर आज (25 फरवरी 2019) मंझनिया पाछू भाई पद्मलोचन शर्मा ’मुँहफट’ के फोन आइस। जय-जोहार के बाद वो ह पूछिस – ’’कुबेर, अभी तंय ह कहाँ हस? खुमान Read More

’लोक साहित्य म लोक प्रतिरोध के स्वर’ बर रचना आमंत्रित हे

साकेत साहित्य परिषद् सुरगी ह पीछू पंदरह बरस ले सरलग अपन सालाना कार्यक्रम म कोनों न कोनों महत्वपूर्ण विषय ल ले के विचार गोष्ठी के आयोजन करत आवत हे। निर्धारित विषय ऊपर केन्द्रित स्मारिका के प्रकाशन घला करे जाथे। विषय विशेषज्ञ के Read More

परोसी के भरोसा लइका उपजारना

बुधारू घर के बहू के पाँव भारी होइस, बुधारू के दाई ह गजब खुस होईस। फेर बिचारी ह नाती के सुख नइ भोग पाईस। बहू के हरूण-गरू होय के पंदरा दिन पहिलिच् वोकर भगवान घर के बुलव्वा आ गे। बुधारू के बहू Read More

अनुवाद : टँगिया (The Axe)

मूल कहानी: The Axe कथाकार: R. K. Narayan अनुवादक : कुबेर गाँव डहर ले नहकत खानी एक झन भटरी ह बचपन म वेलन के बारे म भविसवानी करे रिहिस कि ये ह एक दिन कई एक्कड़ के बगीचा के बीच म बने Read More

अनुवाद : आशा के किरण (The Silver Lining)

मूल कहानी: The Silver Lining कथाकार : Chaman Nahal अनुवादक : कुबेर मनखे के मन के भाव के थाह लगा पाना अउ अनुमान लगा पाना बड़ा कठिन काम होथे। सदा हाँसत- मुस्कात रहने वाला, हरियर मन वाले आदमी के हिरदे भीतर भारी Read More

अनुवाद : पतंगसाज (The Kite Maker)

मूल कहानी: The Kite Maker कथाकार: RUSKIN BOND (रस्किन बांड) अनुवादक – कुबेर एक बहुत जुन्ना मस्जिद, जउन ह खण्डहर हो गे रिहिस, नमाजी मन जिहाँ नमाज पढ़ना छोड़ देय रिहिन हे, के दीवाल के दर्रा म एक ठन बर रूख जाम Read More

अनुवाद : रेड चीफ के फिरौती (The Ransom Of Red Chief)

मूल कहानी – The Ransom Of Red Chief कथाकार – O Henry अनुवादक – कुबेर बिचार बने हे, बने जिनिस सरीख। फेर जब तक मंय ह कुछू नइ कहंव, तंय मोर अगोरा कर। अगवा करे के ये बिचार ह जब हमर दिमाग Read More

अनुवाद : मारकस (My Dog Marcus)

मूल कहानी . My Dog Marcus कथाकार – Colin Howard (कोलिन होवार्ड) अनुवादक – कुबेर कोई घला, जउन मोर बड़े जबर, सुंदर, आलसी, मूर्ख, सेंट बर्नार्ड नस्ल के मारकस से मिलतिस, विश्वास नइ कर पातिस कि अभी-अभी वो ह कोनो आइडिया सोचे Read More

अनुवाद : विष्णु भगवान के पदचिन्ह (Marks of Vishnu)

विष्णु भगवान के पदचिन्ह खुशवंत सिंह अनुवादक – कुबेर ’’ये ह कालिया नाग खातिर’’ सासर म दूघ ल ढारत-ढारत गंगा राम ह किहिस – ’’रोज संझा कुन कोठ तीर के बिला मेर मंय ह येला मंढ़ाथंव अउ बिहिनिया के होवत ले दूध Read More