मेदिनी प्रसाद पाण्डेय के गीत

नो हो कछेरी ए हर नो है कछैरी, हाकिम मन बैठे बैठे खेलत है गरी ए हर नो है कछैरी……… चला भाई भाग चली प्राण ला धरी विधि के विधान में सुखाये पोखरी। ए हर नो है कछैरी……. दफा सार सौ बीस बूले खोल डगरी भरत हवे पेट कोई जी इ की मरी। ए हर नो है कछैरी…….. कतकी दुःख के धन कमाके, टीकट में भरी रिसराढ़ में मुरुख बन के नालिस करी। ए हर नो है कछैरी.. दीवानी फौजदारी अर्जी दावा मुलफरकात सम्मन्स वारंट डिग्री कुर्की अवधट घाट। ए…

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