एक झन कहिस- का बताबे सिरतोन म बहुत बुरा हाल हे। जुन्ना रेलवे पुलिया अउ करमचारी मन के लापरवाही ले वइसने जब नहीं तब जिहां नहीं तिहां बम फोरत हे, गोली चलावत हे। इंकर मारे तो कहूं आना-जाना घलो मुसकुल होगे हे। हिंसा ले सुख, खुशहाली अउ सांति लाए के उदिम अउ हिंसा ले ये नई लाय जा सकय। येला लाए बर दया-मया, भाईचारा अउ अहिंसा के रद्दा ल अपनाए ल परही। बम! जइसने बम के गोठ निकलिस रेल ह थरथरागे अउ वोकर पोटा कांपे ल धर लिस। वोला बम…
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बम-निकलगे दम
एक झन कहिस- का बताबे सिरतोन म बहुत बुरा हाल हे। जुन्ना रेलवे पुलिया अउ करमचारी मन के लापरवाही ले वइसने जब नहीं तब जिहां नहीं तिहां बम फोरत हे, गोली चलावत हे। इंकर मारे तो कहूं आना-जाना घलो मुसकुल होगे हे। हिंसा ले सुख, खुशहाली अउ सांति लाए के उदिम अउ हिंसा ले ये नई लाय जा सकय। येला लाए बर दया-मया, भाईचारा अउ अहिंसा के रद्दा ल अपनाए ल परही। बम! जइसने बम के गोठ निकलिस रेल ह थरथरागे अउ वोकर पोटा कांपे ल धर लिस। वोला बम…
Read Moreचित्रगुप्त के इस्तीफा
यमराज – मिरतू के देवता चित्रगुप्त – यमराज के मुकरदम, जीव मन के पाप-पुण्य के हिसाब रखईया यमदूत – यमराज के दूत एक आत्मा – टेस्ट-ट्यूब बेबी के आत्मा दूसरा आत्मा – कोख किराया लेके पैदा होये मनखे के आत्मा तीसर आत्मा – क्लोन के आत्मा ब्रम्हा, विष्नु, महेष – त्रिदेव ( यमलोक म यमराज के राज-दरबार म यमराज अउ चित्रगुप्त गोठियात हें ) यमराज – इस्तीफा ? चित्रगुप्त – हाँ महराज मोर इस्तीफा। यमराज – इस्तीफा ! ये इस्तीफा काये चित्रगुप्त ? चित्रगुप्त – इस्तीफा, इस्तीफा होथे महराज। यमराज…
Read Moreहाईकू
परसा फूल लगा देथे गा आगी लईका बागी । भाई-भाई के लईका, आन बर होथे मडई । स्टोव ह तभे फटथे, जब वोला बहू धरथे । गद्दा ह आगे कथरी नँदागे पीठ पीरागे । चँदा म जाके झन इतरा, तोर हाल ल बता । एती गोदाम भरे, वोती हँडिया उपास परे । भूख लागथे सब खाथे, भूख ह काला बचाथे ? चील ताकथे मरे ला, मइनखे ताकै मारे ला । गुडी के गोठ अब कहॉं ले पाबे टी वी झपागे । जाज ह घलो देख आज लजाथे टी वी देखाथे…
Read Moreहायकू
कुकुर कोरा म घूमत हे, टूरा ह रोवत हे । किरकेट के चढे हसवै बुखार ददा बेहाल । दोरदीर ले भेंड कस झपाथे बफे म खाथे । ‘कालोनी’ रोग गॉंव म हबरागे जी दरर गे । माई-मूडी ह बनगे कहूं आन मरे बिहान । मनगरजी, सियानी, नई बॉंचै खपरा छान्ही । गोटियाय ल जेन हर जानथे तेने हर जानथे तेने तानथे । हक के गोठ जेनेच गोठियाथे बनेच खाथे । सही बोलबे तब परही डंडा मार लबारी । पाछू रहे के टकर, अगुवाथे तेला पकड । नरेन्द्र वर्मासुभाष वार्ड, भाटापारा07726…
Read Moreनरेन्द्र वर्मा के हाईकू
टूटगे आजमरजादा के डोरीलाज के होरी । पईसा सारनता-गोता ह घलोहोगे बेपार । मन म मयासिरावत हे, पैसाहमावत हे । बढती देखऑंखी पँडरियागेमया उडा गे । करथे तेनमरथे, कोढियेचमन फरथे । पैसा के खेलईमानदार मनपेल-ढपेल । परबुधियाबनके झन ठगाठेंगवा चटा । परगे पेटम फोरा, मुसुवा हनिकालै कोरा । पेट के सेतीशहर जाथे, उहेंपेट कटाथे । मया के गीतमन गुदगुदाथेफागुन आथे । नरेन्द्र वर्मासुभाष वार्ड, भाटापारा07726 – 222461
Read Moreनरेन्द्र वर्मा के हाईकू
टूटगे आजमरजादा के डोरीलाज के होरी । पईसा सारनता-गोता ह घलोहोगे बेपार । मन म मयासिरावत हे, पैसाहमावत हे । बढती देखऑंखी पँडरियागेमया उडा गे । करथे तेनमरथे, कोढियेचमन फरथे । पैसा के खेलईमानदार मनपेल-ढपेल । परबुधियाबनके झन ठगाठेंगवा चटा । परगे पेटम फोरा, मुसुवा हनिकालै कोरा । पेट के सेतीशहर जाथे, उहेंपेट कटाथे । मया के गीतमन गुदगुदाथेफागुन आथे । नरेन्द्र वर्मासुभाष वार्ड, भाटापारा07726 – 222461
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