नान्हे कहिनी- चिन्हारी

चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन म नौकरी करत मोला डेढ़ बछर होगय रहे। शुरू शुरू म मोला लागे कि ….मैं ये कहां आके फँस गए ! फेर धीरे-धीरे करत मैं उहां खुसर गए रहय। फेर अतेक दिन ल मोर देश -राज कोती के एको झन मनखे नइ भेटाय रहिन। डेढ़ साल के लम्मा समे के बाद म आज ये दे मोर कोती के एक झन मनखे माखनलाल हर भेंटाय रहीस।वोहर मोर तरी म इहां लगे रहीस। फेर वोकर साथे -साथ तीन चार अउ आदमी मन घलव रहीन मोर तरी म। वोमन…

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छत्तीसगढी उपन्यास : भुइयाँ

लेखक – रामनाथ साहू प्रकाशक – वैभव प्रकाशन, अमीन पारा चौक, पुरानी बस्ती, रायपुर- 492001 (छत्तीसगढ़) दूरभाष : 0771-4038958 मोबाइल : 094253 58748 मुद्रक : वैभव प्रकाशन, रायपुर (छत्तीसगढ़) मूल्य : 100 रू. ISBN : 81 -89244-03-05 ( भूमि : ज़मीं : The Land) छत्तीसगढी राजभाषा आयोग, रायपुर से प्राप्त आर्थिक सहयोग से प्रकाशित समर्पण छत्तीसगढ के ‘लोक सुर’ लक्ष्मण मस्तुरिया अउ आन जम्मो छोटे-बडे़ लोक गायक, संगीतकार मन ला जेमन के नाद-बरम्ह हर मोला सदाकाल ले आनंदित करत हावे। साभार छत्तीसगढी लोकाक्षर (संपादक श्री नन्द किशोर तिवारी) ला जेहर ये…

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गति-मुक्ति : छत्तीसगढी कहिनी संग्रह

गति-मुक्ति ( छत्तीसगढी कहिनी संग्रह ) रामनाथ साहू वैभव प्रकाशन रायपुर ( छ.ग. ) छत्तीसगढ राजभाषा आयोग रायपुर के आर्थिक सहयोग से प्रकाशित गति-मुक्ति ( छत्तीसगढी कहिनी संग्रह ) समरपन छत्तीसगढी अऊ हिन्दी के समरथ साहित्यकार श्री अंजनी कुमार ‘अंकुर’ ला मोती अऊ धागा 1. छानही 2. बीज 3. चक्का जाम 4. काकर शहर काकर घर 5. गणित के पाठ 6. पूजा-आरती 7. टिकट 8. गति-मुक्ति 9. नडउकरी 10. गंवतरी 11. कोंचई पान के इड्हर 12. ददा-बेटा 13. छाया-अगास 14. सुरबईहा छानही तीनों के तीनों छानही हर एके कोती रहिस,…

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छत्तीसगढी उपन्यास – माटी के बरतन

रामनाथ साहू छत्तीसगढ राजभाषा आयोग रायपुर के आर्थिक सहयोग ले प्रकाशित प्रकाशक : वैभव प्रकाशन, अमीनपारा चौक, पुरानी बस्ती रायपुर (छत्तीसगढ) दूरभाष : 0771-4038958, मो. 94253-58748 आवरण सज्जा : कन्हैया, प्रथम संस्करण : 2017, मूल्य : 200.00 रुपये, कापी राइट : लेखकाधीन समरपन हिन्दी अउ छत्तीसगढी के बरकस साहित्यकार डॉ. बिहारीलाल साहू जी ला सादर समरपित ! अध्याय – 1 दूनों परबत के मांझा म जात वो सॉकर डहर जइसे चलत-चलत जाथे तौ वो पहुँचथे रैनपुर । हाँ …,वो गाँव के नाव रहिस रैनपुर अब ले… घलो वोला वोइसनेहेच कथे…

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करगा – [लघु-कथा संग्रह ] समीक्षा

छत्तीसगढी – महतारी ला धनी – मानी बनाए के उजोग मा कतेक न कतेक वोकर सेवक मन लगे हावैं । वोमन साहित्य के जम्मो विधा म अपन लेखनी ला चलावत हावैं । एकरे गुरतुर फल देखे बर मिलत हे कि आज छत्तीसगढी – भाखा म साहित्य – लेखन के जम्मो विधा म , एक ले आगर एक कृति – मन छपत जात हावैं , फेर आज के जुग हर ” स्मार्ट – जुग ” ए , जतका छोटे मा परफॉरमेंस मिल जावय , वोतके बढिया लागथे । जादा पढे बर…

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