नवा बछर मोर छत्तीसगढ़ में नवा बिहनिया आही सियान मन के सीख

सियान मन के सीख ला माने मा ही भलाई हे। संगवारी हो तइहा के सियान मन कहय-बेटा! जब तक स्वांसा, तब तक आसा रे। फेर संगवारी हो हमन उॅखर बात ला बने ढंग ले समझ नई पाएन। हमर बर तो जिनगी के हर घड़ी, हर मिनट, हर सेकेंड, हर दिन, हर महीना अउ हर बछर हर नवा होथे। जउन मनखे ला ए बात हर समझ आ जाथे वो हर अपन जिनगी के हर घड़ी के उपयोग करे बर सीख जाथे अउ जउन मनखे हर अतके बात ला नई समझ पावय…

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सुनय सबके, करय अपन मन के : सियान मन के सीख

सियान मन के सीख ला माने मा ही भलाई हे। संगवारी हो तइहा के सियान मन कहय-बेटा! सुनय सबके अउ करय अपन मन के रे। फेर संगवारी हो हमन उॅखर बात ला बने ढंग ले समझ नई पाएन। हमन ला भगवान हर मुंह एक ठन अउ कान दू ठन देहे हावय काबर कि हमन सुने के बुता जादा अउ गोठियाय के बुता कम करन फेर हमर से अइऐ हो नई सकय काबर कि हमन बोले के बुता जादा अउ सुने के बुता कम करथन अउ एखरे सेती हमन ला कभू-कभू…

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महामाया के नगरी रतनपुर : सियान मन के सीख

सियान मन के सीख ला माने म ही भलाई हे। संगवारी हो तइहा के सियान मन कहय-बेटा! महामाया के नगरी रतनपुर के अद्भुत महत्तम हे रे। फेर हमन उखर बात ला बने ढंग ले समझ नई पाएन। हमर देस में देवी के अड़बड़ अकन मंदिर हावय जेमा माता के 51 शक्तिपीठ के विशेष महत्तम हावय। छत्तीसगढ़ राज्य के बिलासपुर जिला से मात्र 25 कि. मी. के दूरी में बसे रतनपुर के महामाया मंदिर घलाव एक शक्तिपीठ हरै जेला कोन नई जानय? शक्तिपीठ के स्थापना से संबंधित एक ठन पौराणिक कथा…

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जंवारा बोए ले अन-धन बाढ़थे : सियान मन के सीख

सियान मन के सीख ला माने मा ही भलाई हे। तइहा के सियान मन कहय-बेटा! जंवारा बोए ले अन-धन बाढ़थे रे। नौ दिन माता के सेवा करे ले हमर घर मा, हमर देस मा समृद्धि आथे। फेर संगवारी हो हमन उॅखर बात ला बने ढंग ले समझ नइ पाएन, के काबर अइसे कहय। क्वॉर के महीना मा जम्मो किसान भाई मन खेत.खार के बुता ले उबर के फसल पाके के अगोरा मा रहिथे, फेर ए महीना मा माहू, फाफा मन घलाव कूद.कूद के फसल ला खाए के अगोरा मा रहिथे।…

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लइका मन के देवता गनेस : सियान मन के सीख

सियान मन के सीख ला माने मा ही भलाई हे। संगवारी हो तइहा के सियान मन कहय-बेटा! भगवान गनेस हर छोटे-छोटे लइका मन के घलाव देवता हरै रे। फेर संगवारी हो हमन उॅखर बात ला बने ढंग ले समझ नई पाएन। जइसे गनेस पाख आथे, हमन देखथन के छोटे-छोटे लइकन मन घलाव टोली बनाके चौक-चौराहा में नई तो अपन घर में भगवान गनेस ला बइठार के पूजा अराधना शुरू कर देथे। हमन यहू जानथन के भगवान गनेस हर माता पारवती अउ भगवान भोलेनाथ के दुलरवा बेटा हवय जेखर सब देवी-देवता…

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माटी के मया सियान मन के सीख

सियान मन के सीख ला माने मा ही भलाई हे। संगवारी हो तइहा के सियान मन कहय-बेटा! माटी के अबड़ मया़ होथे रे। फेर हमन उॅखर बात ला बने ढंग ले समझ नई पाएन। संगवारी हो जब हमन छोटे-छोटे रहेन तब हमन ला प्राथमिक विद्यालय के गुरूजी बहिन जी मन परीक्षा होय के बाद पुट्ठा के घर अउ नई तो माटी के खिलौना बना के स्कुल में जमा करे बर कहय। जम्मों संगवारी मिल के माटी के रिकिम-रिकिम के खिलौना अउ साग जइसे कि भॉटा, पताल, मिरचा, फल में सुन्दर…

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मंजूर के गांव मंजूरपहरी : सियान मन के सीख

[responsivevoice_button voice=”Hindi Female” buttontext=”ये सीख ला सुनव”] सियान मन के सीख ला माने मा ही भलाई हे। संगवारी हो तइहा के सियान मन कहय-बेटा! मंजूरपहरी हर मंजूर के गांव आय रे। फेर हमन नई मानन। वि.खं.-बिल्हा, जिला-बिलासपुर के गांव सीपत ले लगभग 18 कि.मी. के दूरी में एक ठन गांव हवै मंजूरपहरी । ए गांव के नाम मंजूरपहरी कइसे परिस ए बारे मा जानकारी मिलस ए गांव के सरपंच श्री मती रमौतिन बाई पति श्री राम नेताम से। ए गांव मा जइसे प्रवेश होथे हमन ला एक सुघ्घर पहाड़ी मिलथे…

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एक बित्ता के पेट : सियान मन के सीख

सियान मन के सीख ला माने मा ही भलाई हे। संगवारी हो तइहा के सियान मन कहय-बेटा! नानकुन एक बित्ता के पेट हर मनखे से का नई करवावय रे। फेर संगवारी हो हमन उंखर बात ला बने ढंग ले समझ नई पाएन। संगवारी हो हमन 1 मई के अंतर्राश्ट्रीय मजदूर दिवस मनाथन। मजदूर दिवस सबले पहिली 1 मई 1923 के मद्रास (चेन्नई) में मनाए गै रहिस हावय जेला विश्व स्तर में मनाए के शुरूवात 1 मई 1886 से होय हावय। विश्व के 80 से जादा देश 1 मई ला मजदूर…

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करम के डोरी : सियान मन के सीख

सियान मन के सीख ला माने मा ही भलाई हे। संगवारी हो तइहा के सियान मन कहय-बेटा! करम के डोरी हर बड़ मजबूत होथे रे। फेर हमन उॅखर बात ला बने ढंग ले समझ नई पाएन। तइहा जमाना म जब ग्वाला हर गाय चराय बर जावय तब का करय? गाय ला एक ठन रूख़ म बांध देवय अउ अपन हर कोनो मेर छॉव में बइठके बॉसुरी बजावत बइठे राहय अउ उॅहा ले गाय के उपर घलाव नजर राखे राहय। गाय हर रूख के चारो कोती के दूबी ला सुघ्घर किंजर-किंजर…

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विचार के लहर : सियान मन के सीख

सियान मन के सीख ला माने मा ही भलाई हे। संगवारी हो तइहा के सियान मन कहय-बेटा! हमला हर काम ला बने सोच-विचार के करना चाही रे। कभू अपन विचार ला खराब नई होवन देना चाही। हमला हर परिस्थिति में अच्छा सोच-विचार ले के ही कोनो काम ला करना चाही। फेर संगवारी हो हमन नई मानन। आज अतेक सुविधा होय के बावजूद हमर अतका बुता बाढ़ गै हावय के हमर करा सोचे के टाईम नई हे। अउ ए बात के हमला बहुत नुकसान उठाना परथे। संगवारी हो हमर विचार के…

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