मेकराजाला अउ फेसबुकिया, जम्मो संगवारी मन ल जय -जोहर, राम -राम …। संगवारी हो हमर छत्तीसगढ़ तीज तिहार के राज हे, बारहो महीना कुछु न कुछु तिहार आथे। हमर सियान मन बड़ गुनी, दूरदर्शी ज्ञानी रहिन। धरती मैय्या, बहु -बेटी, सियान, नोनी- बाबू, झाड़-झडऊखा, प्रकृति के जम्मो जिनिस के महत्व ल परख ले रहिन। मनुस के स्वभाव ल घलो पढ़ डले रहिन। घर-परिवार में खुशियाली बने रहए, धरती मैय्या हरियर रहए। उंखर गोठ बात, सभ्यता-संस्कृति अवइया पीढ़ी मन तक पहुँचत रहय। तेखर बर तीज तिहार सुरु करिन, किस्सा-कहनी के माध्यम…
Read MoreTag: Varsha Thakur
बहिरी ह इतरावत हे
जम्मोझन ऐके जगह जुरियाये, बहिरी धरे मुस्कियात फोटू खिंचावत हे, अउ बहिरी मन के बीच, मंजवा मचावत हे। कचरा के होगे हे बकवाय ऐती जाय कि ओती जाय, पुक बरोबर उड़ियावत हे। एइसन तो स्वच्छ्ता अभियान ल आगू बढ़ावत हे, वेक्यूम क्लीनर ह कुड़कुड़ावत हे बहिरी ह इतरावत हे। वर्षा ठाकुर
Read Moreघुरवा के दिन घलो बहुरथे
दू तीन दिन होगे बहिनी ,बहिरी वाली ह नई आवत हे का ?बहिरी ह खियागे हे ,नवा बहिरी लेतेव।,तीहार ह घलो नजदीक हे। वा ! कहाँ ले बहिरी वाली आही। नई जानस का परंदिन बजार में अड़बड़ ,बहिरी बेचाइस,बहिरी के शार्टेज होगे रहीस ,ओखर डिमांड भारी बाड़गे रहीस। ब्लेक में घलो खोजे नई मिलत रहिस हे। हमर प्रधानमंत्री के प्रताप ले बहरी के भाग जाग गे हे।ओखर पांखी आगे हे। घर के कोनो कोंटा में लुकाय कलेचुप रहय ,तेन बहरी संग फोटू खिचीय बर होड़ मचे हे ,का मंत्री, विधायक,…
Read More