पारंपरिक छत्‍तीसगढ़ी सोहर गीत

यशोदा से देवकी कहती है कि ‘नून-तेल’ की उधारी होती है, पैसे की भी उधारी होती है, बहन किन्‍तु अपने कोख की उधारी नहीं होती..

विधन हरन गन नायक, सोहर सुख गावथंव।
सातो धन अंगिया के पातर, देवकी गरभ में रहय वो,
बहिनी, विघन हरन गन नायक, सोहर सुख गावथंव।

साते सखी आगे चलय, साते सखी पीछे चलय, बहिनी
बीच में दशोमती रानी चलत हे, जमुना पानी बर वो, बहिनी
कोनो सखी बोहे हावय हवला, मोर कोनों बटलोइहा ला वो,
कोनो सखी बोहे माटी के घइला, चलत हे जमुना पनिया वो।
बहिनी विधन हरन गन नायक, सोहर सुख गावथंव।

सोन के गुड़री रूपे के घइला मोर, दशोमती बोहे हावय वो,
बहिनी जाय जमुना तीर खड़ा होवय, मोर दशोमत बोलन लागय वो।
बहिनी विधन हरन गन नायक, सोहर सुख गावथंव।

कोनों सखी हाथ पांव धोवय मोर, कोनो मुख मंजन करे वो,
बहिनी कोनो सखी जमुना पार देखे, देवकी रोवन लागे वो।
ललना विधन हरन गन नायक, सोहर सुख गावथंव।

दसोदा रानी मन मं गुनय, अउ सोचन लागय वो,
बहिनी मंय कइसे ओ नहकवं, जमुमा धार, जमुना तो बेरिन भये वो,
इहां कुछु नांव नइये, कोन्हों घाट के घटोइया नइये वो।
नहीं तो दिखे खेवेया, मंय कइसे जमुना पार नहकंव वो।
बहिनी विधन हरन गन नायक, सोहर सुख गावथंव।

भिरे कछोरा मुड़ उघरा, दसोदा जमुना मां धंसगे वो,
बहिनी तउरत तउरत ओपार, देवकी ला समझाय बर वो।
ललना विधन हरन गन नायक, सोहर सुख गावथंव।

का तोला सासे गारी दे, ननंद संग दुरमत भये वो,
का तोर सैया परदेसिया, तेखर दुख रोवत हावस वो।
बहिनी विधन हरन गन नायक, सोहर सुख गावथंव।

ना मोला सास गारी देये, न ही ननंद संग दुरमत भये वो,
बहिनी ना मोर सैंया संग दुरमते, कोखे के दुख रोवथंव वो।
ललना विधन हरन गन नायक, सोहर सुख गावथंव।

सात बेटवा राम दिये मोला, सकल कंस हर लिये वो,
बहिनी आठवें गरभ मोला लागे, मंय कइसे के भरोसा करों वो।
बहिनी विधन हरन गन नायक, सोहर सुख गावथंव।

तब मुख बोल जशोमत रानी, तें सुनले देवकी बहिनी वो,
में अपनों ला लेंहव बचाये, में तोरो ला बचाइ लेहौं वो ।
ललना बहिनी विधन हरन गन नायक, सोहर सुख गावथंव।

चुप चृप देवकी में काम करि आइहंव वो, बहिनी अपन बालक ला में तो देवत हवं वो।
तब मुख बोले देवकी रानी, तोरी जीव हावय वो,
नून अउ तेल के उधारी होये, अउ पइसा के उधारी होथय वो
बहिनी मोर कोख के उधारी नइ होवय, कइसे के भरोसा करों वो।
ललना विधन हरन गन नायक, सोहर सुख गावथंव।

डॉ. हनुमंत नायडू द्वारा संकलित
(छत्तीसगढ़ी लोक-गीतों का लोकतात्विक तथा मनोवैज्ञानिक अनुशीलन)