पंचांग : शरद पूर्णिमा और चतुर्दशी तिथि का शुभ संयोग….6 अक्टूबर 2025 को करें ये उपाय, मिलेगा लाभ

आज 06 अक्टूबर, 2025 सोमवार, के दिन आश्विन महीने की शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि है. ये तिथि रुद्र द्वारा शासित होती है, जो भगवान शिव का एक प्राचीन और उग्र रूप है. इस दिन की ऊर्जा से भगवान की पूजा करने सबसे अच्छा होता है. आज कोजागर पूजा है. आज शरद पूर्णिमा भी है, जिसे आश्विन पूर्णिमा व्रत भी कहा जाता है.

6 अक्टूबर का पंचांग

  • विक्रम संवत : 2081
  • मास : आश्विन
  • पक्ष : शुक्ल पक्ष चतुर्दशी
  • दिन : सोमवार
  • तिथि : शुक्ल पक्ष चतुर्दशी
  • योग : वृद्धि
  • नक्षत्र : पूर्वभाद्रपदा
  • करण : वणिज
  • चंद्र राशि : मीन
  • सूर्य राशि : कन्या
  • सूर्योदय : सुबह 06:32 बजे
  • सूर्यास्त : शाम 06:22 बजे
  • चंद्रोदय : शाम 05.27 बजे
  • चंद्रास्त : सुबह 06.14 बजे (7 अक्टूबर)
  • राहुकाल : 08:01 से 09:30
  • यमगंड : 10:58 से 12:27

शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं है नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा मीन राशि और पूर्वभाद्रपदा नक्षत्र में रहेंगे. इस नक्षत्र का विस्तार कुंभ राशि में 20 डिग्री से लेकर 3:20 डिग्री मीन राशि तक है. इसके देवता रुद्र और नक्षत्र स्वामी बृहस्पति हैं. लड़ाई, छल और संघर्ष या शत्रुओं के विनाश की योजना बनाने, कीटनाशक छिड़कने, आगजनी, कचरा जलाने, विनाश के कार्य या क्रूरता के कार्यों के लिए ये उपयुक्त नक्षत्र है, लेकिन शुभ कार्यों के लिए ये नक्षत्र अनुकूल नहीं है.

आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 08:01 से 09:30 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम् से भी परहेज करना चाहिए.

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