पंचांग: ज्वालामुखी योग में करें शुभ कार्य, आज विशेष है देवगुरु बृहस्पति का प्रभाव

आज 16 अक्टूबर, 2025 गुरुवार, के दिन कार्तिक महीने की कृष्ण पक्ष दशमी तिथि है. इस दिन पर देवगुरु बृहस्पति और धर्म के देवता का अधिकार है. किसी भी तरह के शुभ काम करने, बड़े लोगों से मीटिंग करने के लिए यह दिन अच्छा माना जाता है. आज ज्वालामुखी योग बन रहा है. 16 अक्टूबर का पंचांग
  • विक्रम संवत : 2081
  • मास : कार्तिक
  • पक्ष : कृष्ण पक्ष दशमी
  • दिन : गुरुवार
  • तिथि : कृष्ण पक्ष दशमी
  • योग : शुभ
  • नक्षत्र : अश्लेषा
  • करण : विष्टि
  • चंद्र राशि : कर्क
  • सूर्य राशि : कन्या
  • सूर्योदय : सुबह 06:36 बजे
  • सूर्यास्त : शाम 06:13 बजे
  • चंद्रोदय : देर रात 02.28 बजे (17 अक्टूबर)
  • चंद्रास्त : दोपहर 03.08 बजे
  • राहुकाल : 13:52 से 15:19
  • यमगंड : 06:36 से 08:03
इस नक्षत्र में शुभ कार्य से करें परहेज आज के दिन चंद्रमा कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में रहेंगे. कर्क राशि में अश्लेषा नक्षत्र का विस्तार 16:40 से 30 डिग्री तक है. इसके देवता सर्प और नक्षत्र स्वामी बुध हैं. इस नक्षत्र को अच्छा नक्षत्र नहीं माना जाता है. किसी भी तरह का शुभ कार्य करने से इस नक्षत्र में बचना चाहिए. हालांकि युद्ध में सफलता की तैयारी, तांत्रिक कार्य, कारावास या अलगाव से जुड़े कार्य, विनाश के कार्य और वरिष्ठों के साथ गठबंधन तोड़ने आदि कार्य इस नक्षत्र में किए जा सकते हैं. आज के दिन का वर्जित समय आज के दिन 13:52 से 15:19 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम् से भी परहेज करना चाहिए.

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