14 नवंबर 2025 का पंचांग…दशमी तिथि पर देवगुरु बृहस्पति का अधिकार, जानिए शुभ मुहूर्त और राहुकाल

आज 14 नवंबर, 2025 शुक्रवार, के दिन मार्गशीर्ष महीने की कृष्ण पक्ष दशमी तिथि है. इस दिन पर देवगुरु बृहस्पति और धर्म के देवता का अधिकार है. किसी भी तरह के शुभ काम करने, बड़े लोगों से मीटिंग करने के लिए यह दिन अच्छा माना जाता है. 14 नवंबर का पंचांग
  • विक्रम संवत : 2081
  • मास : मार्गशीर्ष
  • पक्ष : कृष्ण पक्ष दशमी
  • दिन : शुक्रवार
  • तिथि : कृष्ण पक्ष दशमी
  • योग : एन्द्र
  • नक्षत्र : पूर्वाफाल्गुनी
  • करण : वणिज
  • चंद्र राशि : सिंह
  • सूर्य राशि : तुला
  • सूर्योदय : सुबह 06:51 बजे
  • सूर्यास्त : शाम 05:55 बजे
  • चंद्रोदय : देर रात 02.15 बजे (15 नवंबर)
  • चंद्रास्त : दोपहर 02.10 बजे
  • राहुकाल : 11:00 से 12:23
  • यमगंड : 15:09 से 16:32
भगवान की उपासना के लिए शुभ है नक्षत्र आज के दिन चंद्रमा सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में रहेंगे. इस नक्षत्र का विस्तार सिंह राशि में 13:20′ से 26:40 डिग्री तक है. इसके देवता भगवान शिव और शासक ग्रह शुक्र हैं. इसे शुभ नक्षत्र माना जाता है. भगवान की उपासना करने, विलासिता की वस्तुएं खरीदने के अलावा नए परिधान या ज्वेलरी पहनने के लिए यह नक्षत्र शुभ है. आज के दिन का वर्जित समय आज के दिन 11:00 से 12:23 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम् से भी परहेज करना चाहिए.

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