जांच में कई गंभीर आरोपों का उल्लेख
शासन के आदेश में डॉ. रोहलेंडर के खिलाफ सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ कथित तौर पर अभद्र और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने की शिकायतों का उल्लेख है। इसके अलावा महिला सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के प्रति अशोभनीय एवं अमर्यादित टिप्पणी करने और अनुचित स्पर्श से जुड़े आरोप भी सामने आए थे।मामले की जांच के दौरान संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए। जांच के बाद तैयार रिपोर्ट शासन के समक्ष प्रस्तुत की गई, जिसके आधार पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्णय लिया गया।
आचरण नियमों के उल्लंघन का हवाला
शासन के आदेश में संबंधित अधिकारी के कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम 3 के उल्लंघन के साथ गंभीर कदाचरण की श्रेणी में माना गया है।इसी आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत डॉ. अमृतलाल रोहलेंडर को निलंबित करने का आदेश जारी किया गया है।
धरने के बाद सामने आई कार्रवाई
एनएचएम कर्मचारी संघ ने इस मामले को शासन और प्रशासन के सामने उठाया था। संघ की ओर से विरोध स्वरूप एकदिवसीय धरना भी दिया गया। संघ की मुख्य मांग महिला कर्मचारियों की गरिमा और सुरक्षा से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच तथा दोष सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की थी।
कर्मचारी संघ ने शासन के कदम का किया स्वागत
छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित मिरी ने निलंबन की कार्रवाई का स्वागत किया है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रति आभार जताते हुए कहा कि कार्यस्थल पर हर कर्मचारी की गरिमा और सम्मान बनाए रखना संस्थागत जिम्मेदारी है। उन्होंने विशेष रूप से महिला कर्मचारियों के लिए सुरक्षित माहौल को जरूरी बताया।
संघ बोला- किसी व्यक्ति को निशाना बनाना उद्देश्य नहीं
कर्मचारी संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं है। संघ का कहना है कि उसकी प्राथमिकता कर्मचारियों के अधिकार, सम्मान और सुरक्षित कार्य वातावरण से जुड़े मुद्दों को सामने रखना है।संघ ने उम्मीद जताई कि मामले में आगे की प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी तथा नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई होगी। साथ ही स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों, विशेषकर महिला कर्मचारियों के लिए सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।