बिलासपुर : छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में एक अहम फैसले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि बालिग होने के बाद भी बेटी के भरण-पोषण की जिम्मेदारी से पिता पूरी तरह मुक्त नहीं हो सकते, खासकर जब पहले से ही फैमिली कोर्ट का आदेश लागू हो। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की सिंगल बेंच ने एक पिता द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका को खारिज करते हुए फैमिली कोर्ट का आदेश बरकरार रखा, जिसमें बेटी को हर महीने 5,000 रुपये भरण-पोषण देने का निर्देश दिया गया था। क्या था पूरा मामला यह…
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