आज तेल बाजार में क्या बदला, आपकी जेब पर कितना पड़ेगा असर? जानिए पेट्रोल-डीजल के नए भाव और बड़ी अपडेट

 Petrol-Diesel Price Today : वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। फिलहाल ब्रेंट क्रूड और अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहे हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार, ब्रेंट क्रूड करीब 79.31 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड लगभग 74.96 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हो रहे इन बदलावों पर ऊर्जा क्षेत्र के साथ-साथ भारत जैसे बड़े आयातक देशों की नजर बनी हुई है।

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ी हलचल

मिडिल ईस्ट में तेल आपूर्ति को सुरक्षित बनाए रखने के लिए अमेरिका, ईरान और ओमान के बीच एक अंतरिम व्यवस्था पर चर्चा चल रही है। प्रस्तावित योजना के तहत भारत आने वाले मालवाहक जहाज ईरान के समुद्री क्षेत्र से गुजर सकेंगे, जबकि वापसी के दौरान ओमान के जलक्षेत्र का उपयोग करेंगे। यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए सप्लाई प्रभावित होने की आशंका काफी कम हो सकती है।

भारत पर क्यों रहता है कच्चे तेल के दाम का सीधा असर

भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने या आपूर्ति बाधित होने का असर सीधे देश के आयात खर्च पर पड़ता है। लंबे समय तक ऊंचे दाम बने रहने से महंगाई बढ़ सकती है और भविष्य में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी दबाव देखने को मिल सकता है।

देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के ताजा दाम

शहर पेट्रोल (रुपए प्रति लीटर) डीजल (रुपए प्रति लीटर)
दिल्ली 102.12 95.20
मुंबई 111.21 97.83
कोलकाता 113.51 99.82
चेन्नई 107.77 99.55
नोएडा 102.12 97.56
चंडीगढ़ 101.51 89.47
लखनऊ 101.89 95.36
पटना 113.37 99.36
रांची 105.26 100.49

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में ईंधन के ताजा रेट

शहर पेट्रोल (रुपए प्रति लीटर) डीजल (रुपए प्रति लीटर)
रायपुर 108.06 101.60
बिलासपुर 108.64 101.90
भोपाल 114.19 99.33
इंदौर 115.00 100.09

सिर्फ कच्चे तेल से तय नहीं होती पेट्रोल-डीजल की कीमत

देश में ईंधन के खुदरा दाम कई कारकों को ध्यान में रखकर तय किए जाते हैं। इनमें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत, डॉलर के मुकाबले रुपए की स्थिति, केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी, राज्य सरकारों का वैट, रिफाइनिंग और परिवहन खर्च तथा पेट्रोल पंप डीलरों का कमीशन शामिल होता है। इन सभी लागतों को जोड़ने के बाद उपभोक्ताओं के लिए अंतिम कीमत तय की जाती है।

बिना थर्ड पार्टी इंश्योरेंस ईंधन मिलने पर लग सकती है रोक

वाहन मालिकों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत भी सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट ने बिना वैध थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के चल रहे वाहनों पर सख्त रुख अपनाते हुए केंद्र सरकार को एक पायलट प्रोजेक्ट तैयार करने का सुझाव दिया है। इस प्रस्ताव के तहत भविष्य में ऐसे वाहनों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन देने से रोका जा सकता है। साथ ही सड़क सुरक्षा बढ़ाने और ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए आधुनिक टोल डिटेक्शन सिस्टम को तेजी से लागू करने पर भी जोर दिया गया है।

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