रायपुर, प्रादेशिक सेना के 120 पैदल वाहिनी बिहार के भर्ती रैली के आयोजन आगामी 20 फरवरी ले 25 फरवरी तक नवा रायपुर (छत्तीसगढ) मं आयोजित करे जाही। राज्य के इच्छुक अभ्यर्थि मन ल 20 फरवरी ल अपन समस्त कागद मन के संग नवा रायपुर के राज्योत्सव स्थल म शारिरिक मापदण्ड, मेडिकल परिक्षण अउ साक्षात्कार बर बिहनिया 6 बजे ले 11 बजे तक उपस्थित होना होही। जिला रोजगार अधिकारी हर बताये हे कि सिपाही सामान्य ड्यूटी पद बर 45 प्रतिशत अउ जम्मो विसय मं 33 प्रतिशत मं अंक के संग 10वीं…
Read MoreYear: 2017
भारतीय अंतरिक्ष वैज्ञानिक मन देश के नाम रौशन करिन : डॉ. रमन सिंह
मुख्यमंत्री ह ’इसरो’ के वैज्ञानिक मन ल दीन बधाई एक संग 104 भू-उपग्रह मन के सफल प्रक्षेपण के नवा कीर्तिमान रायपुर, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ह आज भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) ले मानव निर्मित 104 दूरसंवेदी भू-उपग्रह मन के एक संग प्रक्षेपण बर प्रसन्नता व्यक्त करिन। डॉ. सिंह ह एला भारतीय वैज्ञानिक मन के एक महान अऊ ऐतिहासिक उपलब्धि बतात कहिन कि हमार अंतरिक्ष वैज्ञानिक मन अपन विलक्षण प्रतिभा ले विज्ञान जगत मं देश के नाम रौशन करे हें। डॉ. सिंह हर ककहिन के एक संग 104…
Read Moreमुख्यमंत्री ह बारह सैकड़ा दिव्यांग मन ल दीन सहायक उपकरण
रायपुर, मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ह आज तहसील मुख्यालय पलारी मं आयोजित अंत्योदय विकास अऊ आवास मेले मं समाज कल्याण विभाग के योजना मन के तहत अंदाजन 1200 दिव्यांगजन मन ल 76 करोड़ 29 लाख रूपया के सहायक उपकरण मन के वितरण करिस। एमां मोटराइज्ड तिपहिया साईकिल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, ट्राईसाईकिल, बैशाखी, नेत्रहीन मन बर श्वेत छड़ी आदि सामिल रहिस। मुख्यमंत्री ह दिव्यांगजन मन ल आशीर्वाद प्रदान करिस। कार्यक्रम मं विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल, खाद्य मंत्री श्री पुन्नूलाल मोहले, जांजगीर के लोकसभा सांसद श्रीमती कमला देवी पाटले, भाटापारा के…
Read Moreविचार के लहर : सियान मन के सीख
सियान मन के सीख ला माने मा ही भलाई हे। संगवारी हो तइहा के सियान मन कहय-बेटा! हमला हर काम ला बने सोच-विचार के करना चाही रे। कभू अपन विचार ला खराब नई होवन देना चाही। हमला हर परिस्थिति में अच्छा सोच-विचार ले के ही कोनो काम ला करना चाही। फेर संगवारी हो हमन नई मानन। आज अतेक सुविधा होय के बावजूद हमर अतका बुता बाढ़ गै हावय के हमर करा सोचे के टाईम नई हे। अउ ए बात के हमला बहुत नुकसान उठाना परथे। संगवारी हो हमर विचार के…
Read Moreमेला जाबोन : महेन्द्र देवांगन “माटी” के गीत
चल संगी घुमेल जाबोन, माघी पुन्नी के मेला हाबे अब्बड़ भीड़ भाड़, नइ जावन अकेल्ला। हर हर गंगे असनान करके, पानी हम चढाबो दरसन करबो महादेव के, वोला हम मनाबो। भीड़ लगे हे मंदिर में, होवत पेलम पेला चल संगी घुमेल जाबोन, माघी पुन्नी के मेला । संग में जाबोन संग में आबोन,अब्बड़ मजा आही आये हाबे बहिरुपिया मन,खेल तमासा देखाही । घूमत हाबे पाकिटमार मन,जेब ल अपन बचाबे ठग जग करइया कतको हाबे, देख के जिनिस बिसाबे जगा जगा लगे हाबे, माला मूंदरी के ठेला चल संगी घुमेल जाबोन,…
Read Moreमानव सेवा – देहदान : जरूरत अउ महत्ता
सरग इंहे, नरक इंहे । मरे के बाद कोन जीव कहाँ जाथे तेला कोनो नद जानय। बने करम करबे त ओकर सुख भोगे बर अउ घिनहा करम करबे त दु:ख भोगे बर इही भुइंया म फेर आना हे। सियान मन कहिथे के मरे के पहिली अइसन करम कर लव कि मरे के बाद जम्मो मनखे तुंहर सुरता राखय। दान, दक्षिणा, दीन-दुखी के सेवा, सहायता आदि कतको तरीका हवय जेकर ले आप पुन्न के काम करके मानवता के संदेश दे सकथव। दान करे के कई तरीका हे जइसे कोनो स्कूल बनवा दिस,…
Read Moreग्रामीण अर्थव्यवस्था म सहकारिता के महत्वपूर्ण योगदान : डॉ. रमन सिंह
हमर छत्तीसगढ़ योजना’ म रायपुर घूमें बर आए सहकारिता के प्रतिनिधी मन अउ किसान मन करिन मुख्यमंत्री ले मुलाकात रायपुर, 14 फरवरी 2017। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह हकहिन कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था अउ गांव मन के विकास म सहकारिता के महत्वपूर्ण योगदान हावय। हमर छत्तीसगढ़ योजना पूरा प्रदेश ल भावनात्मक रुप ले प्रदेश के राजधानी ले जोड़े के योजना आए। पंचायत प्रतिनिधी मन अउ सहकारिता क्षेत्र के जनप्रतिनिधि मन ल गांव के सर्वांगीण विकास बर प्रोत्साहित करना ए योजना के उद्देश्य हावय। मुख्यमंत्री ह कहिस कि सहकारिता क्षेत्र के महत्व ल…
Read Moreसर्वश्रेष्ठ बुनकर पुरस्कार बर आवेदन 25 फरवरी तक
स्व. श्री बिसाहूदास मंहत सर्वश्रेष्ठ बुनकर पुरस्कार योजना साल 2014-15 अउ 2015-16′ रायपुर, 14 फरवरी 2017। राज्य सरकार के ग्रामोद्योग विभाग ले स्वर्गीय श्री बिसाहूदास मंहत सर्वश्रेष्ठ बुनकर पुरस्कार बर प्रविष्टि ए महीना के 25 तारीक तक आमंत्रित करे गए हावय। ये पुरस्कार पाछू वित्तीय साल 2014-15 अउ 2015-16 बर देहे जाही। ए योजना के तहत हर साल चुने गए दो श्रेष्ठ बुनकर ल एक-एक लाख रूपया नगद, चिनहारी, शाल अउ श्रीफल देहे जाथे। योजना के तहत प्रदेश के हाथकरघा कपड़ा बुनकर मन के पारम्परिक अउ आधुनिक डिजाईन म आन-आन…
Read Moreछत्तीासगढ़ी म परथंम धर्म उपदेशक संत गुरू घासीदास
भारतीय इतिहास म 19वीं शताब्दी पुर्नजागरण के काल कहाथे। छत्तीासगढ़ म घलु इही काल के अलग पहिचान मिलथे। इतिहास कार मन के मुताबिक छत्तीिसगढ़ म कलचुरी राज 1000 ई. काल के तीर -तरवार ले सन् 1740 ई.तक माने जाथे। कलचुरी गोड़ राजा रहिस, येखर सेती छत्तीेसगढ़ के गाँव, कस्बा, डोगरी-पहाड़ म बसे लोगन म आज तलक गोड़ संस्कृति देखब म मिलथे। सन् 1740 म नागपुर के मराठा भास्कर पंत अपन सैनिक मन संग जुद्ध म कलचुरी राजा ल हराके सन् 1741म छत्तीासगढ़ ल हथियालिस तहां खुब्बेच लुटपाट अउ अइताचार करीन।…
Read Moreतैंहर छोटे झन जानबे भइया एक ला : केयूर भूषण के गीत
तैंहर छोटे झन जानबे भइया एक ला। एकक जब जुरियाथें लग जाथे मेला॥ एक्के भगवान ह जग ला सिरजाये हे एक ठन सुराज ह, अँजोर बन के छाये हे सौ बक्का ले बढ़ के होथे एक लिख्खा गठिया के धरे रिबो मोरो ये गोठ ला। भिन्ना फूटी ले होथे एक मती कोटिक लबरा ले बढ़ के होथे एक जती सब दिन के पानी तब एक दिन के घाम बाटुर उलकुहा ले बढके एक दिन के काम खाँडी भर बदरा अऊ एक पोठ धान। रस्ता बना लेथे अकेल्ला सुजान सौ सोनार…
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