- छत्तिसगढ़ के गंगा : हरि ठाकुर के गीत
- छत्तीसगढी कुण्डली (कबिता) : कोदूराम दलित
- पितर पाख मा साहित्यिक पुरखा के सुरता : नरसिंह दास
- सुरता हर आथे तोर
- दानलीला कवितांश
- पितर पाख मा साहित्यिक पुरखा के सुरता : पद्मश्री मुकुटधर पाण्डेय
- प्रसिद्ध अभिनेता अनुपम खेर ह करिस रमन ऐप के लोकार्पण
- गुजरा के कुंदन के “अंतर्राष्ट्रीय अंटार्कटिका” अभियान बर होइस चयन
- सुरता गजानंद परसाद देवांगन
- गरीबा महाकाव्य (छठवया पांत : तिली पांत)
- कपड़ा
- शिव भोला ल मनाबोन
- मसखरी : देवता मन के भुतहा चाल
- जन आन्दोलन के गरेर
- व्यंग्य : बवइन के परसादे
- छत्तीसगढ़ी भाषा ल पहचान देवाबोन : दयाल दास बघेल
- शिवशंकर के सावन सम्मार
- कुँआ-तरिया मा जलदेवती माता के निवास होथे
- कहानी संग्रह : भोलापुर के कहानी
- पहिचान: भूपेंद्र टिकरिहा के कविता
- समय मांगथे सुधार – गुड़ी के गोठ
- नवरात मा दस दोहा
- लोक परब छेरछेरा : समाजिक समरसता के तिहार
- पतंजलि के योग दर्शन, बाल्मिकी मूल रामायण, ईशावास्योपनिषद : अनुवाद
- नवा अंजोरी गे काय रे…
- फुटहा छानी
- मेला मडई
- बस्तर
- छत्तीसगढ़ी भाषा : समस्या अउ संभावना
- सरद पुन्नी अऊ कातिक महिना के महत्तम
- छत्तीसगढ़ी व्यंग्य कविता
- अभिनय के भूख कभी नइ मिटय : हेमलाल
- चैत-नवरात म छत्तीसगढ़ी दोहा 1 : अरुण कुमार निगम
- मंजूरझाल : किताब कोठी
- असाढ़ ले आसरा हे….
- अलकरहा जाड़
- असम में जीवंत छत्तीसगढ़
- सुवा कहि देबे संदेस
- पितर के कउंवा
- मोर दाई छत्तीसगढ़
- आमा के चटनी
- मोर गंवई गांव
- जाड़ हा जनावत हे
- कइसे झंडा फहरही ?
- बिचार : नैतिकता नंदावत हे
- लोक कथा : जलदेवती मैया के वरदान
- नाटक : रसपिरिया
- बसंत ल देखे बर सिसिर लहुटगे
- होली हे भइ होली हे
- नशा : कविता
- कामकाजी छत्तीसगढ़ी मोर बिचार
- ररुहा सपनाये …….
- भले मनखे ले जग म सुख-सांति जरूर आही
- पंचायत मंत्री अजय चन्द्राकर ह ‘कार्टूनों में अटल जी’ पुस्तक के करिस विमोचन
- लईका मन कर सरगुजिहा समूह गीत: पेटू बघवा
- कोजन का होही
- व्यंग्य : पनही
- रामेश्वर वैष्णव के कबिता आडियो
- मऊंहा झरे झंउहा-झंउहा – पुस्तक समीक्छा
- छत्तीसगढ़ी गीत-ग़ज़ल-छंद-कविता
- मानक बिना मान नही
- ढ़पोरशंख के किस्सा : भावना श्रीवास, तखतपुर
- कमरछठ कहानी – सातो बहिनी के दिन
- रायपुर : प्रादेशिक सेना के पैदल वाहिनी (153 इन्फैट्री बटालियन) के भर्ती रैली 08 ले 14 फरवरी तक
- सच्चा चेला
- आगे चुनई तिहार
- जानबा
- मरनी भात
- हमर छत्तीसगढ़
- अकती तिहार : समाजिकता के सार
- राष्ट्रीय भारतीय सैन्य महाविद्यालय देहरादून म प्रवेश बर जून म होही परीक्षा
- मोर छइंहा भुइहां छत्तीसगढ़ी रंगीन फिलिम के बोहनी
- लोक कला के दीवाना रामकुमार साहू
- सावन
- कहिनी म नारी पात्र के सीमा रेखा – सुधा वर्मा
- प्रेमचंद के काहनी अऊ छत्तीसगढ़
- छत्तीसगढ़ी ग़ज़ल
- मंगत रविन्द्र के कहिनी ‘सोनहा दीया’
- हमर भाखा – छत्तीसगढ़ी : श्रीमती हेमलता शर्मा
- युग प्रवर्तक हीरालाल काव्योपाध्याय
- सुक्खा तरिया म पानी
- जाड़ हा जावत हे
- पान के मेम
- जतन बर करन दीपदान
- छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पांचवा सम्मेलन के पहिली दिन
- बुढ़वा लइका पांव पखारत हे तोर
- ढेलवानी – कहिनी
- गंगार : नान्हें कहिनी
- छत्तीसगढ़ म मउत “अमर” हे
- देवता मन के देवारी : कारतिक पुन्नी 04 नवंबर
- सर्वगामी सवैया : पुराना भये रीत
- शेषनाथ शर्मा ‘शील’ के बरवै छंद
- भक्ति-भाव के महापरब-सावन मास
- जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव-कृषि मेला ले बनिस छत्तीसगढ़ के पहिचान
- रेमटा टुरा – २ चिपरिन के मही
- दोहा
- मटमटहा टूरा
- सुरता आथे रहि-रहिके
- अनुवाद : टँगिया (The Axe)
- छत्तीसगढ़ी हायकू
