- निषाद राज के दोहा अउ गीत
- कबिता : घाम जनावत हे
- सोसन अउ कानून (कबिता ) : सुशील भोले
- 13 मई विश्व मातृ दिवस : महतारी महिमा (सरसी छंद)
- अब लाठी ठोंक
- छत्तीसगढ़ म मउत “अमर” हे
- करिया अंगरेज
- जानबा
- अब्बड़ सुहाथे मोला बासी
- ईमानदार चोर
- मिट्ठू मदरसा : रविन्द्रनाथ टैगोर के कहिनी के छत्तीसगढ़ी अनुवाद
- अब एक नवा इतिहास लिखव
- नई होईस बड़का धमाका : नोटबंदी के आखिरी दिन प्रधान मंत्री के घोषणा
- चिरई चिरगुन बर पानी निकालव
- चार बेटा राम के कौडी के ना काम के
- दूध के करजा चुकाले रे
- रितु बरनन
- कमरछठ कहानी : बेटा के वापसी
- दू कबिता ‘प्रसाद’ के
- जब ले बिहाव के लगन होगे
- दुर्ग म प्लेसमेंट केम्प के आयोजन 8 मार्च को
- दुरिहा दुरिहा के घलो,मनखे मन जुरियाय अउ सार छंद – मकर सक्रांति
- तोर बघवा ल तो ढिल दे दाई
- जागो हिन्दुस्तान
- मया के चंदा
- देख रे आंखी, सुन रे कान: भगवती लाल सेन
- खेती किसानी
- संस्कृति बिन अधूरा हे भाखा के रद्दा
- अनुवाद : बारह आने
- नान्हे कहिनी : डोकरा-डोकरी के झगरा
- पतंजलि के योग दर्शन, बाल्मिकी मूल रामायण, ईशावास्योपनिषद : अनुवाद
- अजब नियाव – गुड़ी के गोठ
- सरला शर्मा के उपन्यास : माटी के मितान
- मोर गाँव के बिहाव
- लघुकथा : अमर
- व्यंग्य : चुनाव के बेरा आवत हे
- नारी के महिमा भारी हे
- तेरा साल विकास के : गीत
- कहिनी – खिरकी के संध
- सरगुजिहा गीत- मोर संगे गा ले संगी
- देव म महादेव भकूर्रा महादेव
- सुनिल शर्मा “नील” के दू कबिता : कइसे कटही जेठ के गरमी अउ हर घड़ी होत हे दामिनी,अरुणा हा शिकार
- चौपाई छंद – सर्दी आई
- लावणी छंद : श्रद्धा के सुरता माँ मिनी माता
- मनखे अउ सांप
- चाइना माडल होवत देवारी तिहार
- मुख्यमंत्री ह जनता ल दीस 73.45 करोड़ के निर्माण कार्य मन के सौगात
- अभी के समें अउ साहितकार
- तोर मेहनत के लागा ल…..
- बोधन राम निषाद राज के तीन छत्तीसगढ़ी गीत
- तोर दू दिन के जिनगानी हे
- गुरतुर बोली बोलव
- कबिता: वाह रे मोर गाँधी बबा के नोट
- सुरता मा जुन्ना कुरिया
- गुड़ी के गोठ : महतारी भाखा म कब होही पढ़ई..?
- कबिता : नवा तरक्की कब आवे हमर दुवारी
- आम आदमी
- देखे हँव
- कमरछठ कहानी : मालगुजार के पुण्य
- छत्तीसगढ़ी भाषा मं लिनक्स अउ विंडोज प्रोग्राम
- मुख्यमंत्री ह क्रिकेट खेल के करिस मिनी स्टेडियम के लोकार्पण
- हमर माँवली दाई के धाम
- लक्ष्मी नारायण लहरे ‘साहिल’ के कविता
- माफी के किम्मत
- व्यंग्य : माफिया मोहनी
- बिसवास अउ आसथा के केन्द्र – दाई भवानी , विन्दवासिनी अउ बाबा बन्छोरदेव
- नान्हे कहिनी : सिसटाचार
- गरीबा : महाकाव्य (पहिली पांत : चरोटा पांत)
- फेर दुकाल आगे
- डॉ. संजय दानी के छत्तीसगढ़ी गजल
- इही त आये गा छ्त्तीसगढ सरकार
- राघवेन्द्र अग्रवाल के गोठ बात : जान न जाइ नारि गति भाई
- चलो मंदिर जाबो
- मया के दीया
- जवाब मांगत एक सवाल
- कहॉं जाबो साहर
- सुरुज किरन छरियाए हे
- मटमटहा टूरा
- झंडा फहराबो
- माफी के किम्मत
- बड़का तिहार
- तीजा लेहे बर आहूं
- व्यंग्य : रावन संग भेंट
- कहानी : बड़का तिहार
- दिनेश चौहान के गोहार : महतारी भाखा कुरबानी मांगत हे
- सुक्खा तरिया म पानी
- बेटी : रोला छन्द
- मुख्यमंत्री आठ फरवरी को जांजगीर-चाम्पा जिला के दौरा म रहिही
- लीम चउरा के पथरा : कबिता
- मेक इन इंडिया के सपना ल साकार करत हे देवांगन समाज : डॉ. रमन सिंह
- गुदेलना – कहिनी
- छत्तीसगढ़िया कबि कलाकार
- नान्हे कहिनी – ढुलबेंदरा
- महतारी तोर अगोरा मा
- सुकमा म एएनएम(आरबीएसके) अभ्यर्थि मन के काउंसलिंग 10 मार्च को
- दारू छोड़व
- धीर लगहा तैं चल रे जिनगी
- दू आखर …..
- ग्रीन स्टील ले शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य के संग ही खुलही आर्थिक संभावना मन के दुवारी – मुख्यमंत्री
- अक्ती परब सीता ल बिहावय राजा राम – परब तिहार
