- प्रयोजनमूलक छत्तीसगढ़ी की शब्दावली – गीत, नृत्य
- रन चंडी बने ओ माता
- कहिनी : धुरंधर महाराज
- राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री चन्द्रशेखर साहू ह मुख्यमंत्री संग करिन सौजन्य मुलाकात
- डॉ. सम्पूर्णानन्द के आस्था : नान्हे कहिनी
- छत्तीसगढ़िया
- कविता – चिड़िया रानी
- कपड़ा
- गति-मुक्ति : छत्तीसगढी कहिनी संग्रह
- बदलत हे मोर राज
- नंदावत हे रूख-राई : सियान मन के सीख
- राखी के तिहार
- लघुकथा – नौकरी के आस
- झांझ – झोला
- नौ बछर के छत्तीसगढ़
- चौपाई छंद – सर्दी आई
- अहो मन भजो गणपति महराज
- छत्तीसगढ़ म छत्तीसगढ़ी भाखा के नइ होत हे विकास
- नारी अउ सम्मान
- गरमी अब्बड़ बाढ़त हे
- हमर छत्तीसगढ़ योजना : रंग लावत हे महिला मन के संघर्ष
- छत्तीसगढ़ी गज़ल
- का आदमी अस
- परंपरा – अंगेठा आगी
- सरगुजा कर देखे जोग झरना
- बुद्ध-पुन्नी
- सेल्फी ह घर परवार समाज ल बिलहोरत हाबय
- बसंत राघव के छत्तीसगढ़ी गज़ल
- मिर्चा भजिया खाये हे पेट गडगडाये हे
- सत अउ अहिंसा के पुजारी गुरु घासीदास
- महासमुंद : इंस्पायर अवार्ड मानक ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन 28 फरवरी तक
- धरती के बेटा
- कहिनी : चलनी में दूध दुहे, अउ करम ला दोस दे
- छन्द के छ : कुण्डलिया छन्द
- चिरई चिरगुन (फणीश्वरनाथ रेणु के कहानी आजाद परिन्दे)
- बहिरी ह इतरावत हे
- अब्बड़ सुग्घर मोर गांव
- हरदी पींयर झांगा पागा
- बाहिर तम्बू छोड़ के, आबे कब तैं राम
- छत्तीसगढ़ी लघुकथा संग्रह – करगा
- अनुवाद : विष्णु भगवान के पदचिन्ह (Marks of Vishnu)
- हमर माँवली दाई के धाम
- बेरोजगारी
- नौ हाथ लुगरा पहिरे तभो ले देंहे उघरा
- हरि ठाकुर के गीत: सुन-सुन रसिया
- सी.पी.तिवारी ‘सावन’ के छत्तीसगढ़ी गज़ल
- एकलव्य
- कहिनी – खिरकी के संध
- नवा साल मं
- बलदाऊ राम साहू के छत्तीसगढ़ी गज़ल
- सुरता गजानंद परसाद देवांगन
- संगी मन संग अपन गोठ-बात
- मोर गांव म कब आबे लोकतंत्र
- पितर पाख के असल मान राख : जीयत मा डंडा-मरे मा गंगा
- श्रीयुत् लाला जगदलपुरी जी के छत्तीसगढ़ी गजल – ‘फुटहा दरपन’ अउ ‘मनखे मर गे’
- कहानी : अंधविसवास
- कबिता : नोनी
- दसवा गिरहा दमांद
- मया करबे त करले अउ आन कविता : सोनु नेताम “माया”
- जनदर्शन म मुख्यमंत्री ले 1800 ले जादा मनखे मन करिन मुलाकात
- गुरू बबा के गियान ला गुनव
- बेरोजगारी
- मुख्यमंत्री ह करिस राज्य आपदा मोचन बल के प्रशिक्षण केन्द्र के शुभारंभ
- कमरछठ कहानी – सातो बहिनी के दिन
- छत्तीसगढ़ी भाषा ल पहचान देवाबोन : दयाल दास बघेल
- भारत माँ के दुलौरिन बेटी
- दू रूपिया के चॉंउर अउ घीसू-माधव: जगन
- तोरे अगोरा हे लछमी दाई
- होरी हे रिंगी चिंगी : रंग मया के डारव संगी
- मुख्यमंत्री ह करिस सन् 2017 के सरकारी कैलेण्डर अउ डायरी के विमोचन
- घाम बइसाख-जेठ के : कबिता
- छत्तीसगढ़ के चार झन हिम्मती लइका मन ल मिलही 2016-17 के राज्य वीरता पुरस्कार
- मुख्यमंत्री ह लोकप्रिय ‘पंडवानी’ गायक श्री पुनाराम निषाद के निधन म गहरा दुःख व्यक्त करिन
- मेला घुमाई दे
- नवा बछर के शुरुआत : कहानी
- बरखा गीद
- बबा अऊ ढोकरीदाई मन के गोठ बात
- मोर गॉंव कहॉं सोरियावत हे : चाल चरित म कढ़े रहंय
- लोक कथा : लेड़गा के बिहाव
- सुजान कवि के सुजानिक छन्द कविता : छन्द के छ
- व्यंग्य : गवंई गांव के रद्दा म बस के सफर
- अवइया चुनाव के नावा घोसना पत्र
- कबिता : चना-बऊटरा-तिवरा होरा
- बिसवास अउ आसथा के केन्द्र – दाई भवानी , विन्दवासिनी अउ बाबा बन्छोरदेव
- सोनाखान के सोन: शहीद बीर नारायण सिंह
- राखी के आगे तिहार
- जुग जुग पियव
- लोककथा के शिक्षक- संत गुरु घासीदास अउ उंकर उपदेस
- कबीरदास कोन ? एक भक्त , समाज सुधारक या एक रहस्यवादी जन कवि
- जांजगीर-चांपा : ग्रामीण बेरोजगार मन ल डेयरी काम मं मिलही छह दिन के निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण
- अपन अपन रुख
- डर
- होली हे भइ होली हे
- घठौंदा के पथरा
- बेंदरा बिनास
- छत्तीसगढिय़ा हांव मैं
- सुकमा म एएनएम(आरबीएसके) अभ्यर्थि मन के काउंसलिंग 10 मार्च को
- कबिता : नवा हे बिहान
- पुस्तक समीक्षा : जिनगी के बियारा म
- गरीबा : महाकाव्य (पहिली पांत : चरोटा पांत)
