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- सर्वश्रेष्ठ बुनकर पुरस्कार बर आवेदन 25 फरवरी तक
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- इंडियन एयर फोर्स में सुप्रीटेंडेंट (स्टोर) व स्टोर कीपर पदों के लिए आवेदन आमंत्रित
- तयं काबर रिसाये रे बादर
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- राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री चन्द्रशेखर साहू ह मुख्यमंत्री संग करिन सौजन्य मुलाकात
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- गांव शहर ले नंदा गे हे पतरी भात, मांदी
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- नवा पहल 2019
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- व्यंग्य : पहिचान
- दानी राम बंजारे और जानकी बाई बंजारे द्वारा प्रस्तुत गोपी चंदा गाथा
- हतास जिनगानी : नान्हे कहिनी
- छत्तीसगढ़ी हाईकुु संग्रह – निर्मल हाईकुु
- मानक बिना मान नही
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- नेंगहा पंचन के नांव भुतावथे
- पतंजलि के योग दर्शन, बाल्मिकी मूल रामायण, ईशावास्योपनिषद : अनुवाद
- गाँव गाँव आज शहर लागे
- शेषनाथ शर्मा ‘शील’ के बरवै छंद
- कबिता : नवा साल म
- तीजा तिहार
- मेकराजाला म बाढ़य हमर भाखा के साहित्य : राजभाषा आयोग देवय पंदोली
- भुलवारे बर तब अंजोर के गजब गीत गाथे : डॉ. परदेशीराम वर्मा के गीत
- सांस म जीव लेवा धुंगिया
- येदे गरमी के दिन आगे
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- अक्ती परब सीता ल बिहावय राजा राम – परब तिहार
- टुरी देखइया सगा
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- गरब मांगें ले मिट जाथे चलो मांगें बर संगी हो… छेरछेरा के बहुत बढि़या कविता.
- राजा – नान्हे कहिनी
- कहिनी फूल सुन्दरी राजकुमारी
- मेला जाबोन : महेन्द्र देवांगन “माटी” के गीत
- साहित्यिक पुरखा के सुरता : प्यारेलाल गुप्त
- छेरछेरा के तिहार – लइका मन पारत गोहार
- देवारी तिहार मनाबों
- पंच-पंच कस होना चाही
- हाथी बुले गांव – गांव, जेखर हाथी तेखर नाव
- बरस जा बादर, किसानी के दिन अउ योग करो
- डाकघर म करावव रजिस्ट्रेशन, मोदी सरकार नौकरी देही
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- पद्मश्री पूनाराम निषाद के निधन म शोक श्रद्धांजलि
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- गज़ल : छत्तीसगढ़ी गज़ल संग्रह “बूड़ मरय नहकौनी दय” ले 4
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- छत्तीसगढ़ म मउत “अमर” हे
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- पुस्तक समीक्छा : धनबहार के छांव म
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- तुम करहु जैसे जौन : प्राचीन कवि प्रहलाद दुबे
- अब मंतरी मन बर रेड सिग्नल … लाल बत्ती खतरा हे !
- कहिनी : डोकरा डोकरी : शिवशंकर शुक्ल
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- घर तीर के रुखराई जानव दवई : बेरा के गोठ
- छत्तीसगढ़ी भासा के महत्तम
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