- जयति जय जय छत्तीसगढ़ देस, चेतावनी, लावनी – पं. लोचन प्रसाद पाण्डेय
- सतनाम पंथ के संस्थापक संत गुरूघासीदास जी
- गीत-“कहां मनखें गंवागे” (रोला छंद)
- कहानी : पछतावा
- 24 मई -जेठ दसमी : वीर आल्हा जयंती, आल्हा चालीसा (आल्हा छंद में)
- देखे हँव
- भगवान शंकर ला का का अर्पन करे जाथे
- 23 Aug
- गॉंव कहॉं सोरियावत हे : घंघरा -घुघरू, घुम्मिर-घांटी
- देवी देवता के पूजा इस्थान म होथे मड़ाई
- कहानी संग्रह : भोलापुर के कहानी
- कहिनी : आरो
- सुनय सबके, करय अपन मन के : सियान मन के सीख
- बंदौ भारत माता तुमला : कांग्रेस आल्हा
- माटी के महिमा हे करसि के ठंडा पानी
- छत्तीसगढ़ म एके दिन दू भरती परीक्षा मन के तारीक : फूड इंस्पेक्टर अउ यूपीएससी
- पांच बछरिया गनपति
- चँदेनी के माँग में फागुन: पुरुषोत्तम अनासक्त
- मैं आदिवासी अंव
- मोर छत्तीसगढ़ के माटी
- सिंहावलोकनी दोहा : गरमी
- संस्कार अउ संस्कृति : गोठ बात
- युवा दिवस 12जनवरी बिसेस
- मनखे-मनखे एक समान
- नेता मन के जनमदिन के पोस्टर हा साल भर पूरा राईपुर शहर मा चटके रथे
- सुशासन दिवस लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम के संग
- मंगत रविन्द्र के कहिनी ‘अगोरा’
- गीत: सुरता के सावन
- करमागढ़ म साहित्य संगोष्ठी के होही आयोजन
- दारू के गोठ
- कबिता : चोरी ऊपर ले सीना जोरी
- सतनाम सार हे
- नान्हे कहिनी : लबारी
- हमर हरेली तिहार
- बियंग ( संदर्भ – घेरी बेरी होवत किसान मन के मौत ) : बिसेला कोन
- जाड़ के घाम
- मइया पांचो रंगा
- बसंत ऋतु
- कलजुगी नारद
- कहिनी : दूध भात
- न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड में असिस्टेंट के 984 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित
- दोहा के रंग : दोहा संग्रह
- मोर छत्तीसगढ़ महतारी
- ब्लाग लिखईया मनखे मन ला दे-बर परही GST
- कमरछठ कहानी (2) – सातो बहिनी के दिन
- मुर्रा के लाड़ू : नान्हे कहिनी
- जब पवन दीवान दऊड़ म अव्वल अइस
- धन-धन रे मोर किसान
- रोवत हावय महतारी
- बइरी जमाना के गोठ
- सरग निसैनी म चघ लइका हांसत हे, बादर ले चंदा झांकत हे
- दू रूपिया के चॉंउर अउ घीसू-माधव: जगन
- माटी के काया
- देखो फुलगे, चंदइनी गोंदा फुलगे
- चल सहर जातेन : हेमनाथ यदु
- सरपंच कका
- हमर देस : जौन देस में रहिथन भैया, ये ला कहिथन भारत देस
- जिनगी ल बचाव भइया : जितेन्द्र कुमार साहू ‘सुकुमार’ के कबिता
- बड़का कोन
- रंग: तीरथराम गढ़ेवाल के कविता
- लोककथा :असली गहना
- नाटक अऊ डॉ. खूबचंद बघेल
- सावन में शिव ला मनाबोन
- दिन आ गे धान मिसाइ के
- दिया बन के बर जतेंव
- ईंहा के मनखे नोहय
- गोरी के सुरता
- तय जवान कहाबे
- कान्हा के होली ( छत्तीसगढ़ी फाग गीत )
- पर्यटन ल बढ़ावा देहे बर जबर उदीम करबो : डॉ. रमन सिंह
- कहिनी – नवा अंजोर
- जयंत साहू के गोठ बात : फिल्म सिनेमा एवार्ड बोहागे धारे-धार
- माटी के मया सियान मन के सीख
- शराबबंदी बर महिला मन के अभियान ल हमर पूरा समर्थन अऊ सहयोग : डॉ. रमन सिंह
- छत्तीसगढ़ी वेब टीवी ‘जय जोहार’ होईस सुरू
- छत्तीसगढ़िया मन जागव जी
- मोर लइका ल कोन दुलारही
- लोक कथा : लेड़गा के कड़ही
- छत्तीसगढ़ी 8वीं अनुसूची म कब? : सुधा वर्मा
- गरीबा महाकाव्य (चौंथा पांत : लाखड़ी पांत)
- हमर माँवली दाई के धाम
- सुरता चंदैनी गोंदा के
- कलजुगहा बेटा : नान्हे कहिनी
- बसंत राघव के छत्तीसगढ़ी गज़ल
- विचार के लहर : सियान मन के सीख
- मानव सेवा – देहदान : जरूरत अउ महत्ता
- हमला तो गुदगुदावत हे, पर के चुगली – चारी हर : छत्तीसगढ़ी गज़ल
- गरीबा : महाकाव्य – तीसर पांत : कोदो पांत
- दिव्यांग लइका मन बर हॉफ मैराथन दौड़ के आयोजन
- महतारी दिवस विशेष : महतारी महिमा
- होली आवत हे
- छत्तीसगढ़ी काव्य के कुछ महत्वपूर्ण कवि: डॉ. बलदेव
- अब्बड़ सुहाथे मोला बासी
- ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ के संग ‘स्मार्ट हाऊसिंग’ म घलोक सुजान हावय छत्तीसगढ़ पुलिस
- लीम चउरा के पथरा
- कलजुग केवल नाम अधारा : व्यंग्य
- महतारी दिवस 14 मई अमर रहे : महतारी तोर महिमा महान हे
- मया करे ले होही भाषा के विकास : अनुपम सिंह के जयप्रकाश मानस संग गोठ बात
- शिव भोला ल मनाबोन
