- कहिनी – नवा अंजोर
- दिव्यांग लइका मन बर हॉफ मैराथन दौड़ के आयोजन
- प्रयोजनमूलक छत्तीसगढ़ी की शब्दावली – मुहावरे
- गज़ल – ओखी
- परिचय : कथाकार – कुबेर
- जब तोर सुरता आथे
- देखो फुलगे, चंदइनी गोंदा फुलगे
- नारी सक्ती जगाना हे – दारु भटठी बंद कराना हे
- बकठी दाई के गांव
- पारंपरिक लोक गीत : मोर मन के मजूर
- कलाकार के सबले बड़े दुसमन गरब हर होथे
- छत्तीसगढ़ के लोकगीत म गांधी
- सियान मन के सीख : चोला माटी के हे राम
- बखरी के तुमा नार बरोबर मन झूमरे
- सुकारो दाई
- आल्हा छंद : झाँसी के रानी
- बाबा के सात सिद्धांत अउ सतनाम मनइया
- चिरई चिरगुन बर पानी निकालव
- विष्णुपद छंद : हे जग के जननी
- सियान मन के सीख: कथा आवय ना कंथली
- जै छत्तीसगढि़या किसान अउ खुश रहा
- नान्हे कहिनी : लबारी
- मंजूरझाल : किताब कोठी
- गांव-गंवई के बरनन- मिश्र के कविता में – सरला शर्मा
- जय सिरजनहार, जय हो बनिहार
- बाढ़ ले आये बढ़वार
- जवारा अउ भोजली के महत्तम
- डॉक्टर दानी के बानी
- एक डंडिय़ा : माटी के पीरा…
- अपन सुवारथ रईही त मोहलो मोहलो
- मनकुरिया
- रात कइसे बीतिस
- दानी राम बंजारे और जानकी बाई बंजारे द्वारा प्रस्तुत गोपी चंदा गाथा
- डॉ. सी. व्ही. रमन विश्वविद्यालय के कैलेंडर के विमोचन
- चुनई के बेरा
- कवयित्री के गुण / कवयित्री धोंधो बाई
- मोर छत्तीसगढ़ के किसान
- गरीब के देवारी
- योग के दोहा
- छत्तीसगढ़ महिमा
- चैत-नवरात म छत्तीसगढ़ी दोहा 5 : अरुण कुमार निगम
- छत्तीसगढी उपन्यास : भुइयाँ
- नान्हे कहिनी – ढुलबेंदरा
- तडफ़त छत्तीसगढ़ अउ छत्तीसगढिय़ा
- रमिया केतकी के कथा – सत्यभामा आड़िल
- मेकराजाला म बाढ़य हमर भाखा के साहित्य : राजभाषा आयोग देवय पंदोली
- छत्तीसगढी उपन्यास – माटी के बरतन
- अनुवाद : मारकस (My Dog Marcus)
- सुकवि बुधराम यादव जी के गज़ल
- दादा मुन्ना दास समाज ल दिखाईस नावा रसदा
- एकलव्य
- नान्हे कहिनी : रोजी
- तीन कबिता
- हिन्दू नवा बच्छर के बधाई..
- गुरू बबा के गियान ला गुनव
- गजानंद प्रसाद देवांगन जी के कविता
- कातिक
- बियंग : बिहतरा बाजा अउ बजनिया
- कल 2 अक्टूबर अहिंसा के पुजारी के पुण्यस्मरण के साथ ‘गुरतुर गोठ’ का प्रवेशांक
- सहे नहीं मितान
- चांटी मन के कविता
- फुटहा छानी
- ग़ज़ल : सुकवि बुधराम यादव
- मानव सेवा – देहदान : जरूरत अउ महत्ता
- मैं अक्खड़ देहाती अंव
- छत्तीसगढ़ी गज़ल
- रुद्री के रुद्रेश्वरधाम
- पातर पान बंभुर के, केरा पान दलगीर
- निफ्ट में एमटीएस व अन्य 38 पद, ग्रेजुएट/ डिप्लोमा होल्डर करें आवेदन
- भंवरा तोर मन के नोहे: बद्री विशाल परमानंद
- भुलवारे बर तब अंजोर के गजब गीत गाथे : डॉ. परदेशीराम वर्मा के गीत
- कहिनी : बाढ़ै पूत पिता के धरम
- संस्कृति बिन अधूरा हे भाखा के रद्दा
- जुन्ना सोच लहुटगे हमर रंग बहुरगे
- बिमोचन – पुरखा के चिन्हारी
- मैं वीर जंगल के : आल्हा छंद
- तिल लाड़ू खाबोन – मकर संक्रांति मनाबोन
- मोर गांव मया-प्रेम के
- गोठ बात : पानी बचावव तिहार मनावव
- छन्द के छ : यहू ला गुनव ….
- छत्तीसगढ़ के दू साहसी लईका मन के राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार खातिर चयन
- हमर छत्तीसगढ़ योजना : रंग लावत हे महिला मन के संघर्ष
- नकाब वाले मनखे
- तोर सरन म आएन, माँ असीस देबे वो
- फेरीवाला
- लोक कहिनी : ठोली बोली
- कहा नहीं
- छत्तीसगढ़ी हाना
- गज़ल : छत्तीसगढ़ी गज़ल संग्रह “बूड़ मरय नहकौनी दय” ले 3
- पंच परमेश्वर के झगरा मा नियाव कइसे होही
- बिरहा के आगी
- छत्तीसगढ़ फिलिम के दर्सक ग्रामीण
- दानलीला कवितांश
- महादेव के बिहाव खण्ड काव्य के अंश
- देवता मन के देवारी : कारतिक पुन्नी
- नाचे नागिन रेडियो-रेडियो
- मया के दीया
- उस्ताद अमजद अली खां, श्रीमती तीजन बाई, शेखर सेन अउ भारती बन्धु ल मानद डी.लिट् के उपाधी
- लोक कथा : सुरहीन गैया
- पीतर
