छत्‍तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पांचवा प्रांतीय सम्‍मेलन के दूसर दिन

राजिम, 29 जनवरी, 2017। छत्‍तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पांचवा सम्‍मेलन के आखिरी दिन बिहनिया पांचवा सत्र ले चालू होईस। ये सत्र के विसय रहिस ‘लोकव्‍यवहार अउ राजकाज म छत्‍तीसगढ़ी’ जेखर अध्‍यक्षता श्री सुरजीत नवदीप करिन अउ संचालन डॉ.सुधीर शर्मा जी करिन। येमा डॉ.बिहारी लाल साहू, डॉ.गणेश कौशिक, श्री विजय मिश्रा, डॉ. माणिक विश्‍वकर्मा, श्री श्‍याम वर्मा अउ डॉ. सोमनाथ यादव अपन विचार व्‍यक्‍त करिन। कार्यक्रम के छठवां सत्र के विसय ‘पाठ्यक्रम म छत्‍तीसगढ़ी’ रहिस। ये सत्र के अध्‍यक्षता डॉ. विनय कुमार पाठक करिन अउ संचालन डॉ.सुधीर शर्मा जी करिन जेमा…

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छत्‍तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पांचवा सम्‍मेलन के पहिली दिन

राजिम, 28 जनवरी, 2017। छत्‍तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पांचवा सम्‍मेलन के पहिली दिन बिहनिया नेवताए माई पहुना मन कार्यक्रम के उद्घाटन करिन अउ नेवताए विशेष सगा मन के सम्‍मान करे गीस। ओकर पाछू छत्‍तीसगढ़ राजभाषा आयोग के सहयोग ले प्रकाशित पुस्‍तक शिव महापुराण, अनुवादक – श्रीमती गीता शर्मा अउ कातिक महात्‍म, अनुवादक – श्रीमती गिरजा शर्मा के संगें-संग आन साहित्‍यकार मन के पुस्‍तक के विमोचन होईस। कार्यक्रम के पहिली सत्र म संत कवि पवन दीवान के उपर चरचा गोष्‍ठी होईस तेखर विसय रहिस ‘संत कवि पवन दीवान : छत्‍तीसगढ़ पृथक…

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छत्तीसगढ़ी भाखा हे : डॉ.विनय कुमार पाठक

एक हजार बछर पहिली उपजे रहिस हमर भाखा छत्तीसगढ़ के भाखा छत्तीसगढ़ी आय जउन एक हजार बछर पहिली ले उपजे-बाढ़े अउ ओखर ले आघु लोकसाहित्य म मुंअखरा संवरे आज तक के बिकास म राज बने ले छत्तीसगढ़ सरकार घलो सो राजभासा के दरजा पाए हे। छत्तीसगढ़ी भाखा ल अपने सरूप रचे-गढ़े बर बड़ सकक्कत करे ल परे हे- पीरा-कोख मा जन्मेे, मया- गोदी मा पले, माटी महमई धरे अंचरा, छत्तीसगढ़ी भाखा हे। महानदी लहरा, जेखर मुअखरा, होंठ देरहौरी गाल बबरा, छत्तीसगढ़ी भाखा हे। छत्तीसगढ़ी ह ब्रज-सांही गुरतुर भाखा हे। पूर्वी…

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कुशलाई दाई के मंदिर म सजे हे जेवारा.

कुशलाई दाई के मंदिर म सजे हे जेवारा….. मंगल गीत गावत हांवे झुमत हें सेवा म जगर बगर जोत जलत हे दाई के भुवन म बैगा झुमत हे मांदर के सुर म नाहे नाहे लईका मन अउ सियान मन हावे अंगना म मंगल गीत गावत हांवे झुमत हें सेवा म डोकरी दाई घर राखत हावे घर होगे हे सूना दाई के अंगना म कैसे झुमत हे अपन रंग म घर के दाई ल भुलागिन अउ बिनती कहत हे कुशलाई दाई ल सुनले मोरो मन के बात ये बछर मोर करदे…

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छब्बीस जनवरी मनाबो : वंदे मातरम गाबोन

छब्बीस जनवरी मनाबो छब्बीस जनवरी मनाबो संगी, तिरंगा हम फहराबो। तीन रंग के हमर तिरंगा, एकर मान बढाबो । ए झंडा ल पाये खातिर, कतको जान गंवाइस। कतको बीर बलिदान होगे, तब आजादी आइस । हमर तिरंगा सबले प्यारा , लहर लहर लहराबो। छब्बीस जनवरी मनाबो संगी, तिरंगा हम फहराबो। चंद्रशेखर आजाद भगतसिंह, जनता ल जुरियाइस वन्दे मातरम के नारा ल, जगा जगा लगाइस । सुभाष चंद्र बोस ह संगी, जय हिन्द के नारा बोलाइस। आजादी ल पाये खातिर, जनता ल जगाइस । वंदे मातरम के गाना ल, मिलके सबझन…

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अरुण कुमार शर्मा ल एसो के “पद्म श्री” सम्‍मान

भारत के प्रख्यात पुराविद अउ छत्तीसगढ़ शासन के पुरातात्विक सलाहकार श्री अरुण कुमार शर्मा ल एसो के “पद्म श्री” सम्‍मान ले से अलंकृंत करे के घोषणा भारत सरकार हर करे हे। श्री अरुण शर्मा ह भारत के कई ठन जघा के संगें-संग छत्तीसगढ़ म सिरपुर, छीताबाड़ी राजिम, मदकू द्वीप अउ कई ठन जघा मन के पुरातात्विक खेदई करें हें अउ इतिहास ल समृद्ध करे हें। अपन बेबाक बोलई अउ प्रतिक्रिया देहे बर प्रसिद्ध पुराविद्वान लगभग 84 बछर के जवान श्री अरुणकुमार शर्मा सरल अउ सहज व्यक्तित्व के धनी हे अऊ…

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सरकारी स्कूल ले ही देश ल मिले हे कई महान विभूती : डॉ. रमन सिंह

मुख्यमत्री सामिल होइस ’लईका मड़ई’ के समापन समारोह म रायपुर, 24 जनवरी 2017। मुख्यमत्री डॉ. रमन सिंह आज इहां साईंस कॉलेज मैदान म आयोजित तीन दिवसीय रायपुर जिला स्तरीय ‘लईका मड़ई‘ के समापन कार्यक्रम ल संबोधित करत करत कहिन के देश के अधिकांश महान विभूती मन सरकारी स्कूल म पढ़ाई करके ही देश अऊ दुनिया म अपन नाम रौशन करे हें। डॉ. सिंह हर ए सिलसिला म संविधान बनइया डॉ. भीमराव अम्बेडकर अऊ देश के प्रसिद्ध रक्षा वैज्ञानिक अउ पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के उदाहरण दीन। मुख्यमत्री हर…

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स्कूल म ओडिसी .. पंथी, करमा काबर नहीं …?

छत्तीसगढ के जम्मो सरकारी स्कूल म पहली ले पाँचवी कक्षा तक पढईया लईका मन ला अब भाषा,गणित विज्ञान के अलावा ओडिसी नृत्य के घलो शिक्षा ले बर परही । ये नवा तुगलकी फरमान एन सी आर टी ह जारी करे हवय । ओकर कहना हवय के नृत्य के शिक्षा ले से लइका मन नृत्य के भाव भंगिमा के जरिया ठीक से खडे होना,सांस लेना अउ रीढ के हड्डी ल सीधा राख के चले के तरीका सिखाय जाही । शिक्षा विभाग के दावा हवय के ये नवा कोर्स ले लइका मन के…

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कविता : नोनी बर फुल

नोनी बर फुल …. घर के अंगना म फुले हे कनेर के फुल पिअर -पियर दिखत हे डाली म झुलत हे नोनी ह देख के दाई ल पुचकारत हे खिलखिलाके हांस के बेलबेलावत हे अंचरा ल दाई के खिंच – खिंच के फुल ल बतावत हे दाई भुइंया म बैठ के दही ले लेवना निकालत हे दाई नोनी के इसारा ल समझ नई पावत हे नोनी अंगना म घूम -घूम के फुल ल बतावत हे नोनी स्कुल जाए के बेरा म बेनी ल बतावत हे दाई के सुध आगे अंगना…

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पर्यटन मंडल के गिलौली ले मोटल म बढि़स घुमईया मन के भीड़

दुर्ग, घुमई-फिरई ल बढ़ावा देहे के उद्देश्य ले पर्यटन मंडल ह विशेष गिलौली के शुरुआत करे हे। मंडल प्रबंधन के कहना हवय के ये पहल के व्यापक असर होय हे। एखर ले पर्यटन स्थल मन म घुमईया मन के भीड़ घलोक बढ़े हे। उहें मंडल के स्वसंचालित होटल, मोटल अउ पर्यटक विश्रामगृह मन म रौनक आ गए हावय। ये गोठ-बात ल बतावत सुस्मिता मिश्रा, पर्यटन अधिकारी दुर्ग ह बताईन के छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के माध्यम ले कई योजना मन के संचालन करे जावत हे। मंडल के माध्यम ले परिवहन, आवास…

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