किसानी के पीरा

खेत पार मा कुंदरा, चैतू रखे बनाय । चौबीसो घंटा अपन, वो हर इहें खपाय ।। हरियर हरियर चना ह गहिदे । जेमा गाँव के गरूवा पइधे हट-हट हइरे-हइरे हाँके । दउड़-दउड़ के चैतू बाँके गरूवा हाकत लहुटत देखय । दल के Read More

छंद चालीसा – छत्तीसगढी छंद के कोठी

छंद चालीसा “छत्तीसगढी छंद के कोठी” रमेशकुमार सिंह चौहान प्रकाशक आशु प्रकाशन पता- प्लाट नं. 509 मिलेनियम चौक सुंदर नगर, रायपुर (छग) मोबाईल : 09302179153 छत्तीसगढ राजभाषा आयोग के सहयोग से प्रकाशित आवरण चित्र : प्रकाश सिंह प्रकाश आवरण सज्जा : लोकेश Read More

छत्तीसगढ़ी के मानकीकरण बर

भाषा ह नाना प्रकार के व्यवहार बोल-चाल, पढ़ई-लिखई, बाजार, मनोरंजन आदि म मन के बात, संवेदना व्यक्त करे के माध्यम होथे। शासन अउ व्यक्तिगत चिठ्ठी-पतरी के माध्यम होथे। कोनो भाषा तभे पोठ होथे जब ओ भाषा हा, ओ भाषा के बोलईया मन Read More

चार बेटा राम के कौडी के ना काम के

छोहीहा नरवा के  दुनो कोती दु ठन पारा नरवरगढ़ के । बुड़ती म जुन्ना पारा अउ उत्ती मा नवा पारा । जुन्नापारा मा गांव के जुन्ना बासिंदा मन के डेरा अऊ नवापारा मा पर गांव ले आये नवा मनखे मन के कुरिया Read More

दोहावली

1. चार चरण दू डांड़ के, होथे दोहा छंद । तेरा ग्यारा होय यति, रच ले तै मतिमंद ।।1।। विसम चरण के अंत मा, रगण नगण तो होय । तुक बंदी सम चरण रख, अंत गुरू लघु होय ।।2।। 2. दुखवा के Read More

अनुवाद

1. कोशिश करईया मन के कभु हार नई होवय (मूल रचना – ‘‘कोशिश करने वालो की हार नही होती‘‘ मूल रचनाकार-श्री हरिवंशराय बच्चन ) लहरा ले डरराये  म डोंगा पार नई होवय, कोशिश करईया मन के कभु हार नई होवय । नान्हे Read More

मोर मयारू गणेश

दोहा जऊन भक्त शरण पड़े, ले श्रद्धा विश्वास । श्रीगणेश पूरन करे, ऊखर जम्मो आस ।। चैपाई हे गौरा गौरी के लाला । हे प्रभू तू दीन दयाला । । सबले पहिली तोला सुमरव । तोरे गुण गा के मै झुमरव ।।1।। Read More