- भूख (कबिता) : डॉ. राजेन्द्र सोनी
- कबिता : बसंत रितु आथे!
- माटी हा महमहागे रे
- छत्तीसगढ़ी बोले बर लाज काबर
- सरग ह जेखर एड़ी के धोवन – डॉ. पीसी लाल यादव
- किसान के पीरा : आरे करिया बादर
- भगत के बस म भगवान – लोककथा
- छत्तीसगढ़ी भासा परिवार के भाषा : विकास अउ साझेदारी
- गुरू अउ सिस्य के संबंध
- सिंगारपुर के माँवली दाई
- योग करव जी (कुकुभ छंद)
- अरुण निगम के छत्तीसगढी गीत : मन झुमै ,नाचे ,गावै रात-दिन
- मोर मातृभाषा छत्तीसगढी हे : पालेश्वर शर्मा
- सोमदत्त यादव के कविता
- ढ़ूंढ़ी रक्सिन: छत्तीसगढ़ी लोककथा – 1
- आ, इ, ई, छत्तीसगढ़ी हिन्दी शब्दकोश
- चुनावी लघुकथा : बुरा न मानो …… तिहार हे
- बुधारू के जीवन
- कहानी : रेलवे टईम टेबुल के भोरहा
- राजिम नगर म छत्तीगढ राजभाषा आयोग के दू दिनिया 5 वॉं प्रांतीय सम्मेलन होईस
- महंगइ के चिंता
- बियंग: रूपिया के पीरा
- मोर मन के पीरा
- हमला तो गुदगुदावत हे, पर के चुगली – चारी हर : छत्तीसगढ़ी गज़ल
- साक्षरता का अकासदिया – पुस्तक समीक्छा
- छत्तीसगढ़ी कहानी गीत विकलांग विमर्श म
- कमरछठ कहानी : मालगुजार के पुण्य
- जइसे खाय अन्न वइसे बनही मन
- दिसाहीनता – सुधा वर्मा
- छत्तीसगढ़ी गज़ल
- राखी
- छंदमय गीत- तोर अगोरा मा
- कहिनी : चलनी में दूध दुहे, अउ करम ला दोस दे
- नवा बछर के मुबारक हवै
- अन्न कुंवारी के जवानी: मन्नीलाल कटकवार
- कविता : अब भइगे !
- संतान के सुख समृद्धि की कामना का पर्व- हलषष्ठी
- छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर ह देश के पहिली कैशलेस बाजार
- कविता : नवां अंजोर अउ जाड़
- हांसत हे सोनहा धान के बाली ह
- सरगुजिहा लोक गीत – जाड़ा
- जानबा : दादूलाल जोशी ‘फरहद’
- मया के अंजोर
- बखरी के तुमा नार बरोबर मन झूमरे
- दान के महा परब छेरछेरा
- देस बर जीबो,देस बर मरबो
- बसंती
- गरमी आगे
- छत्तीसगढ़ी व्यंग्य संग्रह तुंहर जंउहर होवय के होईस विमोचन
- बसंत पंचमी के तिहार
- अभार अभिनंदन अटल जी के (25 दिसंबर अटल बिहारी वाजपेयी के जनमदिन)
- दारु के निसा
- छत्तीसगढ़ी नवगीत : पछतावत हन
- मनोज कुमार श्रीवास्तव के गियारा कविता
- असाढ़ आगे
- बाबा के सात सिद्धांत अउ सतनाम मनइया
- मया के मुंदरी
- जस गीत – काली खप्परवाली
- गुड़ी के गोठ : महतारी भाखा म कब होही पढ़ई..?
- कहा नहीं : छत्तीसगढ़ी कहानी संग्रह
- मड़ई मेला
- डाकघर म करावव रजिस्ट्रेशन, मोदी सरकार नौकरी देही
- बियंग : भइंस मन के संशो
- मोर छइयां भुइयां के माटी
- तीजा-पोरा के तिहार
- भारतीय संविधान अउ महतारी भाखा
- मुख्यमंत्री के दौरा कार्यक्रम : दामाखेड़ा मं संत समागम अऊ माघ मेला मं संघरहीं
- कविता-समाज ल आघू बढ़ाबोन
- करिया बादर छागे
- पद्मश्री डॉ.सुरेन्द्र दुबे के वेबसाईट
- चरगोड़िया : रघुबीर अग्रवाल ‘पथिक’
- गुजरा के कुंदन के “अंतर्राष्ट्रीय अंटार्कटिका” अभियान बर होइस चयन
- राजिम महाकुंभ कल्प 2017
- हरेली तिहार आवत हे
- मोर मयारू गणेस
- सोलह सिनगार
- रतनपुर के महामाया माई मंदिर म लगिस स्वाइप मशीन : कैशलेश
- जौँहर करथस ओ
- सियान मन के सीख- चुप बरोबर सुख नहीं
- अब्बड़ सुहाथे मोला बासी
- मोर छतीसगढ़ महान हे
- रूख तरी आवव
- साहित्य म भ्रस्टाचार
- नंदावत हे अंगेठा
- नरेन्द्र वर्मा के हाईकू
- हरमुनिया – मंगत रविन्द्र के कहिनी
- असल जिनगी म तको ‘नायक’ हाबे मनु फिल्म मेकर
- अतेक झन तरसा रे बदरा।
- दुसर के दुख ला देख : सियान मन के सीख
- कलजुगिया झपागे
- छत्तीसगढ़ी व्याकरण के 125 बछर
- बेरा के गोठ : गरमी म अईसन खावव पीयव
- बसंत रितु आगे
- ठुमरी
- बिन बरसे झन जाबे बादर
- पइधे गाय कछारे जाय
- छत्तीसगढी उपन्यास : भुइयाँ
- घठौंदा के पथरा
- कबिता: न ते हारे न में जीतेंव
- मोर गॉंव कहॉं सोरियावत हे : दुबराज चांउर के महमहाब
