- बिखरत हे मोर परिवार
- गुरतुर भाखा : छत्तीसगढ़ी कविता पाठ
- सबले बड़े पीर
- मरनी भात
- रूख तरी आवव
- चोला माटी के हे राम
- गोठ बात : पानी बचावव तिहार मनावव
- गरीबा महाकाव्य (अठवइया पांत : अरसी पांत)
- दू आखर …..
- जनम भूमि : कहिनी
- मइया पांचो रंगा
- भाव प्रवण सरस कृति : मनुख मोल के रखवारी
- नवा पहल 2019
- छत्तीसगढ़ी ग़ज़ल
- व्यंग्य : कुकुर के सन्मान
- बड़का तिहार
- छब्बीस जनवरी मनाबो : वंदे मातरम गाबोन
- आगे सावन रे
- =वाह रे चुनाव=
- छत्तीसगढ़ी हाईकुु संग्रह – निर्मल हाईकुु
- हमर भाग मानी ये तोर जईसन हितवा हे
- पं. खेमेस्वर पुरी गोस्वामी के दस ठन कविता
- लोक कथा : सतवंतीन
- छत्तीसगढ़ी तिहार : छेरछेरा पुन्नी
- बरछाबारी – 19
- देख रे आंखी, सुन रे कान: भगवती लाल सेन
- 😜चल संगी चुनाव आगे😜
- भूख (कबिता) : डॉ. राजेन्द्र सोनी
- भारत के बाग
- वृत्तांत- (1) इंहे सरग हे : भुवनदास कोशरिया
- रात कइसे बीतिस
- परेवा गीत: बाबूलाल सिरीया दुर्लभ
- पुस्तक समीक्छा : धनबहार के छांव म
- लोक कथा : लेड़गा के कड़ही
- 18 मई बट सावितरी पूजा विसेस : सत्यवान के खोज (बियंग)
- दर्रा हनागे
- सुरता मा जुन्ना कुरिया
- नान्हें बियंग कहिनी: मोला कुकुर बना देबे
- कहानी : मंतर
- कलाकार के कला के नई रहिगे हे मोल
- छत्तीसगढ़ी गज़ल – हम परदेशी तान ददा
- कविता : जोंधरा
- दारू छोड़व
- छत्तीसगढ़ी फिलिम अउ संस्कृति
- अरुण कुमार शर्मा ल एसो के “पद्म श्री” सम्मान
- परकिती के परती आत्मियता के तिहार ये हरेली
- भोले बाबा
- मिर्चा भजिया खाये हे पेट गडगडाये हे
- मैं आदिवासी अंव
- होले तिहार
- छत्तीसगढ़ी कुण्डलियां
- एम्स, रायपुर में केशियर, असिस्टेंट इंजीनियर और अन्य वेकेंसी अंमित तिथि 27 मार्च
- गंगार : नान्हें कहिनी
- दामाखेड़ा धरम धाम के मेला
- मोर गॉंव कहॉं सोरियावत हे : महंगा जमो बेचावत हें
- असाढ़ ले आसरा हे….
- सुशासन दिवस लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम के संग
- आठे कन्हैया – 36 गढ़ मा सिरि किसन के लोक स्वरूप
- लघुकथा – आटोवाला
- लइका अउ सियान खेलव कुरिया मा
- पितर पाख मा साहित्यिक पुरखा के सुरता : भारतेन्दु साहित्य समिति
- सब हलाकानी हे
- गांव के सीतला
- मेला जाबोन
- छत्तीसगढी गीत अउ साहित्य
- उदेराम के सपना-2
- कहिनी : उपास
- छत्तीसगढ़ के माटी अंव
- चरनदास चोर
- होरी तिहार के ऐतिहासिक अउ धार्मिक मान्यता
- कहिनी : दूध भात
- महानदी पैरी अउ सोढुर तीनो के मिलन इस्थान म लगथे राजिम मेला
- मोर भारत भूइयाँ ल परनाम
- शिक्षाकर्मी के पीरा
- बेटी मन ल बचाए बर
- मैं माटी अंव छत्तीसगढ़ के
- सोनचिरई
- करसी के ठण्डा पानी
- दिखय नही ओर-छोर, त का करन
- बिकास के नाव म बिनास ल नेवता
- बसंत बेलबेलहा
- झन-झपा
- बाबा के सात सिद्धांत अउ सतनाम मनइया
- दूसरइया बिहाव
- कहा नहीं : छत्तीसगढ़ी कहानी संग्रह
- गज़ल : छत्तीसगढ़ी गज़ल संग्रह “बूड़ मरय नहकौनी दय” ले 4
- चुनाव ल देखत भाजपा ह साधत हे अप्रवासी प्रदेशवासी मन ल
- कबिता : चंदा
- मया करबे त करले अउ आन कविता : सोनु नेताम “माया”
- गीत : सावन महीना
- घाम घरी आगे – कबिता
- धरनहा – पं. जगमोहन प्रसाद मिश्र के गीत
- सरगुजिहा कहनी – हिस्सा-बांटा
- राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री चन्द्रशेखर साहू ह मुख्यमंत्री संग करिन सौजन्य मुलाकात
- मंदू
- सोलह सिनगार
- दिव्यांग लइका मन बर हॉफ मैराथन दौड़ के आयोजन
- बरसा ह आवत हे!
- पताल के भाव
- हिसार म गरमी
