- उल्हुवा पान : फिल्म समीक्षा – छत्तीसगढ़ी फिलिम राजू दिलवाला
- पारंपरिक राउत-नाच दोहा
- चुनाव सिरिफ दू साल दूरिहा, बजट होही लोक लुभावन
- कबिता : नवा तरक्की कब आवे हमर दुवारी
- सावन आगे
- छत्तीसगढ़ी : कामकाज अउ लेखन के रूप : सुशील भोले
- बकठी दाई के गांव
- कहिनी : राजा नवयुग के मंत्रीमंडल
- बुढ़वा कोकड़ा : हरप्रसाद ‘निडर’
- हमर छत्तीसगढ़
- नरेन्द्र वर्मा के हाईकू
- कोजन का होही
- भाग ल अजमावत हावय
- दैनिक देशबंधु के संदर्भ में छत्तीसगढ़ी की साहित्यिक पत्रकारिता का विश्लेष्णात्मक अध्ययन
- मोर छत्तीसगढ़ के माटी
- मैं अक्खड़ देहाती अंव
- छंद के छ : एक पाठशाला, एक आंदोलन
- सुरता: हृदय सिंह चौहान
- छत्तीसगढ़ के बासी: टिकेंद्र टिकरिहा
- उदेराम के सपना-2
- नेंगहा पंचन के नांव भुतावथे
- निराला साहित्य समिति, थान खम्हरिया के आयोजन
- बलदाऊ राम साहू के छत्तीसगढ़ी ग़ज़ल
- विकास के काम ल गिनाए के जरूरत नइ होवय, काम खुदे बोलथे : डॉ. रमन सिंह
- छत्तीसगढ़िया मन जागव जी
- सिरीपंचमी का सगुन
- अंग्रेजी के दबदबे के बीच छत्तीसगढ़ी की जगह
- छत्तीसगढ़ी बाल गीत
- अब का पोरा-जाँता जी ?
- पितर पाख मा साहित्यिक पुरखा के सुरता : नरसिंह दास
- मँहगाई
- धरती मँइयाँ : चौपाई छन्द
- फटाका नइ फुटे’ (दिल्ली के बिषय म)
- लमसेना प्रथा चालू करव
- हमर खान-पान मा नून-मिरचा
- दूसर हो जाथे
- बरसात : गीतिका छंद
- छत्तीसगढ़ी नाटक – मतदान बर सब्बो झन होवव जागरूक
- आल्हा छंद : भागजानी घर बेटी होथे
- होली के दोहा
- का साग रांधे संवरिया .. सुनव करमा गीत
- चुनावी व्यंग्य : बूता के अपग्रेडेसन
- मनोज कुमार श्रीवास्तव के सरलग 41 कविता
- सोच समझ के देहू वोट
- अरुण कुमार निगम के छत्तीसगढी गीत : चले आबे नदी तीर मा …..
- व्यंग्य : पहिचान
- नान्हे कहिनी- चिन्हारी
- बैसाखु के गांधी मिलगे
- नानकिन किस्सा : अमर
- चलो रे चलो संगी पेड़ लगाबो रे
- दान लीला के अंश : पं. सुन्दरलाल शर्मा
- आगे सन् अट्ठारा : सार छंद
- बसंत बेलबेलहा
- अपने घर म बिरान हिंदी महिना
- बेंगवा के टरर-टरर
- घर म नाग देव भिंभोरा पूजे ल जाय : नान्हे कहिनी
- पुस्तक समीक्छा : धनबहार के छांव म
- सुवा गीत : कही देबे संदेश
- दिसाहीनता – सुधा वर्मा
- मक्खी-मच्छर मारो अभियान – कबिता
- अरुण निगम के छत्तीसगढी गीत : मन झुमै ,नाचे ,गावै रात-दिन
- किसानी अपन करथो
- मतदान : चौपई छंद (जयकारी छंद)
- होरी हे रिंगी चिंगी
- अब तो किरपा कर राम
- छत्तीसगढ़ी गज़ल – देखतेच हौ अउ आदत बना लन
- कमरछठ कहानी – सातो बहिनी के दिन
- जप तप पुन के भूंइया ए हमर छत्तीसगढ़
- किरीट सवैया : कपूत नहीं सपूत बनो
- मोर गांव म कब आबे लोकतंत्र
- 10 दिसम्बर शहीद वीरनारायण सिंह बलिदान दिवस
- सोनाखान के सोन-शहीद बीर नारायण सिंह
- छत्तीसगढ़ी काव्य चितेरे : बाबू प्यारेलाल गुप्त
- व्यंग्य : नवा सड़क के नवा बात
- आंजत-आंजत कानी होगे!
- आमा के चटनी
- छत्तीसगढ़ के ब्लॉगर अशोक बजाज भाई ला कोरी कोरी बधई
- मोर बाई बहुत गोठकहरिन हे!
- देस बर जीबो,देस बर मरबो
- पुस्तक समीक्षा : अंतस म माता मिनी
- अनुवाद : बारह आने
- होली हे भइ होली हे
- पीतर पाख
- नवा बछर के शुरुआत : कहानी
- परशुराम
- जंवारा बोए ले अन-धन बाढ़थे : सियान मन के सीख
- हमर माँवली दाई के धाम
- जय जय हो धरती मइया
- सरग म गदर
- छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण – 2016
- हमर पूंजी व्यवस्था में चीनी सेंधमार
- जनकवि स्व.कोदूराम’दलित’ जनम के सौ बरिस म बिसेस : ”धान-लुवाई”
- छत्तीसगढ़ी दिवस 28 नवम्बर विशेष
- दुर्ग : ग्राम पंचायत मन म ’’साथिन‘‘ पद बर आवेदन 15 फरवरी तक
- प्रेमचंद के काहनी अऊ छत्तीसगढ़
- छत्तीसगढ़िया जागव जी
- हाथी बुले गांव – गांव, जेखर हाथी तेखर नाव
- मोर भारत भूइयाँ ल परनाम
- छत्तिसगढि़हा कबि कलाकार
- राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री चन्द्रशेखर साहू ह मुख्यमंत्री संग करिन सौजन्य मुलाकात
