- धूवा मारे : विष्णुपद छंद
- नंदावत हे अंगेठा
- छत्तीसगढ़ महतारी
- नवरात्र परब : मानस में दुर्गा
- चुपरनहा साबुन
- अपन देस- शक्ति छंद
- आवा बचावव लोक कला ल : डॉ. सोमनाथ यादव
- किसान मन के अन्नदान परब छेरछेरा पुन्नी
- आरटीओ चेकिंग : समसामयिक हास्य संस्मरण
- मांघी पुन्नी के मेला
- बेटी के सुरता
- सरसती वंदना
- दुखिया मन के दुःख हरैया
- महिला बाल विकास परियोजना कोसीर क्षेत्र म 21 नावा ऑंगनबाड़ी केन्द्र खुलही
- दसवा गिरहा दमांद
- बेटी मन
- नशा मुक्ति के गीत
- मुख्यमंत्री के अध्यक्षता म 336 करोड़ के निवेश प्रस्ताव उपर एमओयू
- बड़का तिहार
- छत्तीसगढ़ी कहानी : मन के सुख
- नान्हे कहिनी – ढुलबेंदरा
- सच बोले के काम सिरिफ सरकारी हे
- बीर नरायन बनके जी
- छत्तीसगढ़ी राजभासा कामकाज के भासा कब बनही
- कोपभवन
- राज्य कर्मचारी मन ल लउहे मिलही सातवां वेतनमान
- प्रेम रंग
- कोनो ल झन मिलै गरीबी, लइका कोरी कोरी : रघुबीर अग्रवाल ‘पथिक’ के गीत
- गरमी आगे
- सुकारो दाई
- अकती बिहाव
- चरन दास चोर
- रायपुर म अनुसूचित जाति वर्ग के युवा मन बर प्लेसमेंट कैम्प 10 मार्च को
- आठे कन्हैया – 36 गढ़ मा सिरि किसन के लोक स्वरूप
- सुरता सुशील यदु
- प्यारे लाल देशमुख के कबिता संग्रह ले दू ठन कबिता
- आज के रावन
- छत्तीसगढ़ी लघुकथा संग्रह – करगा
- फुगड़ी गीत
- महतारी दिवस विशेष : महतारी महिमा
- अरुण कुमार निगम के गीत : नइ भूलय मिट्ठू तपत कुरु ….
- छत्तीसगढ़ी भासा : उपेक्छा अउ अपेक्छा (एक कालजयी आलेख)
- अपन बानी अपन गोठ
- करसी के ठण्डा पानी
- आल्हा छंद : वीर शिवाजी के शान
- वा बहनी उर्मिला कमाल कर देस
- छत्तीसगढ़ी हाईकुु संग्रह – निर्मल हाईकुु
- सियान मन के सीख : ए जिनगी के का भरोसा
- आवत हे राखी तिहार
- मसखरी : देवता मन के भुतहा चाल
- हीरा मोती ठेलहा होगे
- सुनय सबके, करय अपन मन के : सियान मन के सीख
- जगमग जगमग दिप जलत हे
- हिसार म गरमी
- समे-समे के बात
- सोलह सिनगार
- किरीट सवैया : नाँग नाथे मोहना
- कहानी : लालू अऊ कालू
- आज काल के लइका : दोहा
- लोरी
- श्री केयूर भूषण ह पुस्तक भेंट करके दीस मुख्यमंत्री ल जनम दिन के बधाई
- नवा बछर म देखावा झन करव तुमन
- नवा बछर के आवभगत
- चंदैनी गोंदा, रामचंद्र देशमुख, लक्ष्मण मस्तुरिया अउ खुमान लाल साव एक दूसर के पर्याय
- नवा बछर म करव नवा शुरुआत
- बेरोजगारी के पीरा
- बालदिवस : मया करइया कका नेहरु
- दूध के करजा चुकाले रे
- मोर संग चलव रे
- उत्तर बस्तर कांकेर : दिव्यांग वर्षा ल मिलीस व्हीलचेयर
- रुद्री के रुद्रेश्वरधाम
- ईमानदार चोर
- छत्तीसगढ़ महतारी
- आमा के अथान – चौपई छन्द (जयकारी छंद )
- सुरता: हृदय सिंह चौहान
- पुस्तक समीक्षा : माटी की महक और भाषा की मिठास से संयुक्त काब्य सग्रंह- ‘जय हो छत्तीसगढ़’
- आल्हा छंद : भागजानी घर बेटी होथे
- छत्तीसगढ़ के पर्यटन संबंधी फोटो खींचव अउ इनाम पावव
- जवाब मांगत एक सवाल
- छत्तीसगढी उपन्यास – माटी के बरतन
- ननपन के सुरता : बाल भारती
- गंगार : नान्हें कहिनी
- तोरे अगोरा हे लछमी दाई
- रासन कारड
- बसंत ल देखे बर सिसिर लहुटगे
- महतारी दिवस 14 मई अमर रहे : महतारी तोर महिमा महान हे
- भाखा के महमहई बगरावत छत्तीसगढ़ी पत्रिका : बरछाबारी
- पुस्तक समीक्छा : धनबहार के छांव म
- अनुवाद
- सुन्ना कपार – उतरगे सिंगार
- लघुकथा : बड़का घर
- नवा ट्रांसफार्मर लगे ले जगमगाइस रमेशपुर : गांव वाले मन म छाईस खुशी के लहर
- गीत : चौरा म गोंदा रसिया, मोर बारी म पताल हे
- बिखरत हे मोर परिवार
- किरीट सवैया : कपूत नहीं सपूत बनो
- छब्बीस जनवरी मनाबो : वंदे मातरम गाबोन
- चुनावी लघुकथा : बुरा न मानो …… तिहार हे
- मोर मयारू गणेस
- सोनाखान के सोन-शहीद बीर नारायण सिंह
- लघुकथा – आटोवाला
