- भंवरा तोर मन के नोहे: बद्री विशाल परमानंद
- सरगुजिहा व्यंग्य कबिता: लचारी
- अम्बिकापुर म सहायक प्रोग्रामर संविदा पद बर दावा-आपत्ति 7 मार्च तक
- मारबो फेर रोवन नह दन: समरथ गँवइहा
- आनी बानी : 14 भाषा के कविता के छत्तीसगढ़ी अनुवाद
- नउकरी लीलत हमर तीजतिहार
- अपन रद्दा ल बनाबो
- तीजा जावत
- तिल लाड़ू खाबोन – मकर संक्रांति मनाबोन
- किसानी के पीरा
- छत्तीसगढ़ी गज़ल – हम परदेशी तान ददा
- पारंपरिक ददरिया
- भारतीय अंतरिक्ष वैज्ञानिक मन देश के नाम रौशन करिन : डॉ. रमन सिंह
- बहिरी ह इतरावत हे
- झिरिया के पानी
- छत्तीसगढ़ी लघुकथा संग्रह – करगा
- बसंत पंचमी: नित्यानंद पाण्डेय
- बेटी के सुरता
- महानदी पैरी अउ सोढुर तीनो के मिलन इस्थान म लगथे राजिम मेला
- दैनिक देशबंधु के संदर्भ में छत्तीसगढ़ी की साहित्यिक पत्रकारिता का विश्लेष्णात्मक अध्ययन
- अब एक नवा इतिहास लिखव
- उज्ज्वला योजना म अभी तक 6.40 लाख गरीब परिवार के महिला मन ल निःशुल्क रसोई गैस कनेक्शन
- कबिता: पइधे गाय कछारे जाय
- जीतेन्द्र वर्मा “खैरझिटिया” के दोहा : नसा
- संतान के सुख समृद्धि की कामना का पर्व- हलषष्ठी
- मोर हतिया झन करवाबे दाई
- गज़ल : छत्तीसगढ़ी गज़ल संग्रह “बूड़ मरय नहकौनी दय” ले 5
- नैन तै मिला ले
- बसे हो माया मोरो नैन
- बाम्हन चिरई
- गुरतुर गोठ (गीत) सुकवि बुधराम यादव
- देख कइसे फागुन बउरात आत हे
- दानी राम बंजारे और जानकी बाई बंजारे द्वारा प्रस्तुत गोपी चंदा गाथा
- इही त आये गा छ्त्तीसगढ सरकार
- नवा बिहान
- भगवान शंकर ला का का अर्पन करे जाथे
- बारहमासी तिहार
- कोठार देवता के पूजा
- छत्तीसगढ़ के पहली तिहार हे हरेली
- हमर होरी – कहिनी
- छन्द के छ : सोरठा छन्द
- यमराज ला होगे मुस्किल
- छत्तीसगढ़ी तांका
- बियंग : पारसद ला फदल्लाराम के फोन
- गोरी के सुरता
- दोहा के रंग : दोहा संग्रह
- बेरा के गोठ : सुखी जिनगी जियेबर छत्तीसगढ़िया सिखव बिदुर नीति
- छत्तीसगढी कुण्डली (कबिता) : कोदूराम दलित
- घुरवा के दिन घलो बहुरथे
- मोर गंवई गांव
- किताब कोठी : हीरा सोनाखान के
- बिहाव म खवाव बोरे बासी
- दारु भटठी बंद करो
- मई दिवस म बनिहार मन ल समर्पित दोहागीत
- चुनई दंगा
- ग़ज़ल : गुलेल
- दाई के आँखी मा आंसू
- याहा काय जाड़ ये ददा
- सियान मन के सीख: कथा आवय ना कंथली
- नान्हे कहिनी : डेहरी के दिया
- जगमग जगमग दिप जलत हे
- कविता : मन के मोर अंगना म
- किसान के पीरा
- संस्कृति के दरपन म बैर
- छत्तीसगढी कुण्डली (कबिता) : कोदूराम दलित
- देखे हँव
- वइसन बिहनिया अब कहाँ होथे
- जवाब मांगत एक सवाल
- कबिता : नवा तरक्की कब आवे हमर दुवारी
- व्यंग्य : बवइन के परसादे
- फटाका नइ फुटे’ (दिल्ली के बिषय म)
- कहानी : फूल के जघा पउधा भेंट करव
- व्यंग्य : रोटी सेंकन मय चलेंव………
- पण्डवानी शैली के लोकप्रिय कबीर भजन गायिका : त्रिवेणी साहू
- छत्तीसगढ़ी के मानकीकरन अउ एकरूपता : मुकुन्द कौशल
- आ, इ, ई, छत्तीसगढ़ी हिन्दी शब्दकोश
- भारतीय संविधान अउ महतारी भाखा
- सुरता (संस्मरण) – सिकरनिन दाई
- छत्तीसगढी़ कहानी संग्रह : शहीद के गाँव
- पितर के बरा
- बालदिवस : मया करइया कका नेहरु
- जाड़ के महीना
- भइंसा चोरी के सीबीआई जांच
- कबीर अउ बेद पुरान
- देवारी के दीया
- आल्हा छंद : वीर शिवाजी के शान
- बाबा के सात सिद्धांत अउ सतनाम मनइया
- अभिनय के भूख कभी मिटय नइ: हेमलाल
- उत्ती के बेरा
- सुराजी वीर अनंतराम बर्छिहा
- मितानी के बिसरत संस्कृति
- बिसवास अउ आसथा के केन्द्र – दाई भवानी , विन्दवासिनी अउ बाबा बन्छोरदेव
- युग प्रवर्तक हीरालाल काव्योपाध्याय
- संपादकीय : का तैं मोला मोहनी डार दिये
- बेरोजगारी
- देवता मन के देवारी : कारतिक पुन्नी
- लमसेना प्रथा चालू करव
- सुरता: लोक संगीत म जीवन ल समर्पित करइया महान कलाकार – खुमान साव
- कहिनी: तारनहार
